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सांस लेने की समस्या के इलाज के बाद ITBP जवान की मां की हालत बिगड़ी, गलत उपचार के आरोप में हाथ काटना पड़ा; शिकायत के बाद एक्शन

Kanpur Hospital Case: कानपुर में एक आईटीबीपी जवान ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। जवान का कहना है कि गलत इलाज के कारण उनकी मां के हाथ में संक्रमण फैल गया, जिसके बाद डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा।

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पुलिस आयुक्त से मिला ITBP प्रतिनिधिमंडल, जांच की मांग तेज (Photo: AI Image)

Kanpur Hospital Case: कानपुर में एक गंभीर चिकित्सा लापरवाही के आरोप को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों ने शनिवार को पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि इलाज में हुई लापरवाही के कारण एक आईटीबीपी जवान (Kanpur ITBP) की मां का हाथ काटना पड़ा। पीटीआई भाषा के मुताबिक, महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात जवान विकास सिंह ने कृष्णा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को सांस लेने में दिक्कत होने पर 13 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

महिला को तुरंत ले जाया गया अस्पताल

इलाज के दौरान उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उनके दाहिने हाथ में तेज सूजन और संक्रमण फैल गया। परिजनों के अनुसार, स्थिति बिगड़ने पर निर्मला देवी को बाद में पारस अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि संक्रमण काफी बढ़ चुका है और अब जान बचाने के लिए हाथ काटना ही एकमात्र विकल्प है। इसके बाद 17 मई को उनका दाहिना हाथ ऑपरेशन के जरिए काटना पड़ा। इस घटना से आहत जवान विकास सिंह ने सोमवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

मामलों को लेकर फैला विवाद

पीटीआई के अनुसार इसी दौरान वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ एक डिब्बे में बर्फ के साथ लेकर भी पहुंचे, जिसे उन्होंने अधिकारियों के सामने दिखाया। मामले को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब यह अफवाह फैल गई कि आईटीबीपी के जवानों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव कर दिया है। हालांकि पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने इन खबरों को गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईटीबीपी अधिकारियों ने पहले से अनुमति लेकर मुलाकात का समय तय किया था और वे शांतिपूर्ण तरीके से आए थे।

मामले की जांच के लिए बनेगी संयुक्त समिति

बैठक के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक संयुक्त समिति बनाने का फैसला किया है। इस समिति में पुलिस अधिकारी, आईटीबीपी के चिकित्सा विशेषज्ञ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित डॉक्टर शामिल होंगे। जांच दल को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने भी कहा है कि जांच वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की निगरानी में की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जा सके।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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