Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : देशभर में मौसमी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। खासकर, पहाड़ों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से गर्मी से राहत मिल रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान बर्फबारी के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और ओलावृष्टि के आसार हैं, जिससे बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लगेगा। इधर, मैदानी राज्यों हरियाणा-पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों, राजस्थान, झारखंड और बिहार में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। यहां अगले 2 दिन तक बादल छाए रहने के साथ आंधी और बारिश की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से तो राहत रहेगी, लेकिन किसानों के लिए ये अच्छी खबर नहीं है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में बेमौसम बारिश दस्तक देगी। उधर, पश्चिम बंगाल में अच्छी बारिश के संकेत हैं। दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में भीषण गर्मी के बीच बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। बेंगलुरु समेत कई शहरों में प्री मॉनसून के असर से रोजाना 4 बजे शाम से रात्रि 8 बजे तक लाइट बारिश जारी रहेगी।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम
बिहार में अगले 2 दिन गर्मी से राहत रहने के संकेत हैं। स्काईमेट के मुताबिक, राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसमी एक्टीविटी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने 12 जिलों में मेघ गर्जन और मध्य गति की हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान खगड़िया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, सुपौल, किशनगंज, सहरसा, अररिया, बांका, जमुई, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, मुंगेर और भागलपुर में हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने की चेतावनी है। पिछले 10 दिन में ठनका से 61 लोगों की मौत की खबर है।
यूपी कल का मौसम
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज नर्म है। आईएमडी ने अगले 2 दिन तक तेज हवाओं के चलने के साथ बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। खासकर, पश्चिमी यूपी सहारनपुर, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद और मुरादाबाद में आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा बुंदेलखंड में गर्मी कायम रहेगी। कानपु और लखनऊ समेत कई जिलों में हवाएं चलने से मौसम में नमी है।
दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए तेज हवाएं और बारिश राहत लेकर आई। तेज हवाओं के बाद बारिश से मौसम सुहावना हो गया। शुक्रवार शाम से अचानक काले बादल छाने के साथ तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। मौसम में अचानक आए बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत मिली है। आईएमडी ने अगले 2 दिन गरज के साथ बिजली चमकने और धूल भरी आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। 19 से 20 अप्रैल तक दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान गरज के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी और धूल भरी आंधी चलने के आसार हैं। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 20 अप्रैल को आंशिक रूप से बादलों के बीच हवा की गति 10-20 किमी/घंटा रहेगी। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हालांकि, 21 अप्रैल को आसमान साफ रहेगा।
ओडिशा में भारी बारिश
ओडिशा में भारी बारिश के साथ आये आंधी तूफान ने तबाही मचाई, जिसकी चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए। भुवनेश्वर और कटक के कई निचले इलाकों में जलभराव की सूचना है। कटक के बांकी इलाके में 100 से अधिक पेड़ उखड़ गए, जिससे भुवनेश्वर जाने वाली सड़क अवरुद्ध हो गई। पुरी जिले के सत्यबाड़ी खंड में आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे एक अधेड़ किसान की मौत हो गई। आईएमडी ने शनिवार तक मयूरभंज, बालासोर और भद्रक में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने के लिए तैयार रहने के वास्ते 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। आंधी-तूफान की स्थिति 20 अप्रैल तक जारी रहने की आशंका है, जिसके बाद तापमान में वृद्धि होने की संभावना है।
उत्तराखंड में कैसा है मौसम
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के लिए मौसम का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल, हल्द्वानी, रूद्र प्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी, पौढ़ी, चामोली, ऊधम सिंह नगर और अल्मोड़ा में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की संकेत हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति, कुल्लू, चंपा समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी के संकेत हैं। उधर, जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कश्मीर घाटी में कल के मुकाबले आज न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आई है, जिससे दिन में कड़ाके की सर्दी का एहसास हो रहा है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 26 °C | 38 °C |
| मुंबई | 26 °C | 32 °C |
| लखनऊ | 26 °C | 35 °C |
| पटना | 26 °C | 34 °C |
| भोपाल | 25 °C | 39 °C |
| जयपुर | 29 °C | 39 °C |
| शिमला | 11 °C | 24 °C |
| देहरादून | 17 °C | 30 °C |
| कश्मीर | 2 °C | 14 °C |
कब आएगा प्री मॉनसून?
मध्य भारत के कुछ भागों में अप्रैल से प्री मॉनसून संकेत मिल रहे हैं। इनमें कर्नाटक, बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। पहाड़ी राज्य कश्मीर, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बर्फबारी हो सकती है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस बार संचयी वर्षा दीर्घ अवधि औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर का 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी 2025 के मानसून सीजन में लगभग 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। यह सामान्य से अधिक बारिश का संकेत है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है?
हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।
