Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय परिसर के भीतर स्थित अवैध घोषित की गई एक मस्जिद को ध्वस्त करने की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शनिवार तड़के अमल में लाई गई। जिला अदालत द्वारा मस्जिद हटाने के आदेश को बरकरार रखे जाने के बाद प्रशासनिक अमले ने बुलडोजर चलाकर ढांचे को ढहा दिया। इस कार्रवाई के दौरान पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया और सभी गेटों को एहतियातन बंद कर दिया गया। वहीं, इस विध्वंस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है।
कोर्ट के आदेश और अपील खारिज होने के बाद एक्शन
यह कार्रवाई मुस्लिम पक्ष की उस अपील के खारिज होने के बाद हुई है, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश को चुनौती दी गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर में बनी इस मस्जिद को अवैध करार दिया था और इसे गिराने का आदेश दिया था। साथ ही सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और व्यावसायिक दुरुपयोग को लेकर कब्जाधारियों पर 6.41 करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया था।
कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट, घर के बाहर भारी पुलिस बल
कार्रवाई की खबर मिलते ही कैराना से समाजवादी पार्टी (SP) की सांसद इकरा हसन ने सहारनपुर पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने और लोगों का पक्ष रखने की योजना बनाई थी। हालांकि, सुबह तड़के ही पुलिस प्रशासन ने उन्हें कैराना स्थित उनके आवास पर हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) कर दिया। उनके घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
अखिलेश यादव का सांकेतिक हमला
सहारनपुर में हुई इस बुलडोजर कार्रवाई और जनप्रतिनिधियों को रोकने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर सांकेतिक पोस्ट करते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए और लिखा "सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है और उपलब्धि भी।"
