Kal Ka Mausam: बारिश, बर्फबारी और शीतलहर का बड़ा अलर्ट! एक बार फिर लुढ़केगा पारा, ठिठुरन से होगी हालत खराब
- Authored by: Nilesh Dwivedi
- Updated Jan 4, 2026, 04:17 PM IST
Kal Ka Mausam, 5 January 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है, कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई है। कई राज्यों में दिन और रात का तापमान लगातार गिर रहा है, जबकि शीतलहर का असर और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ पर्वतीय व मैदानी इलाकों में बारिश, बर्फबारी और कोहरा बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में आइए जानें कल का मौसम कैसा रहेगा?
कल का मौसम कैसा रहेगा?
Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): उत्तर भारत में इन दिनों ठंड बेशुमार पड़ रही है। बीते घंटों के दौरान, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी-मध्य प्रदेश और पंजाब के कुछ इलाकों में बेहद घना कोहरा छाया रहा, जहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। वहीं, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान के कई स्थानों पर ऐसा कोहरा पड़ा कि दृश्यता 50 से 199 मीटर के बीच सिमट गई। असम-मेघालय, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भी कोहरे का असर देखा गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी से लेकर शीतलहर जैसी स्थिति बनी रही।
वहीं, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में भी सर्दी का प्रकोप महसूस किया गया। पूर्वी बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडल पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पछुआ हवाओं के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में दिखाई दे रहा है, जिसका अक्ष मध्य क्षोभमंडल में स्थित होकर लगभग 68° पूर्व से 35° उत्तर तक फैला है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर, समुद्र तल से करीब 12.6 किमी ऊंचाई पर, लगभग 150 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम प्रभाव डाल रही है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे लगे दक्षिण केरल तट के ऊपर भी एक चक्रवाती घुमाव बना हुआ है। इसके अलावा, निचले से मध्य क्षोभमंडल तक दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उससे सटी दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी और भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
5 से 6 जनवरी 2026 के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 5 जनवरी 2026 को इसी तरह के मौसम की स्थिति रहने के संकेत हैं। इसके साथ ही, 5 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में पाला पड़ने की संभावना काफी ज्यादा है। 7 और 8 जनवरी 2026 के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आने वाले 7 दिनों तक उत्तर भारत और उससे जुड़े मध्य भारत के क्षेत्रों में रात और सुबह के समय घने से बहुत घने कोहरे के छाए रहने की प्रबल आशंका बनी हुई है। 5 जनवरी 2026 को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में शीतलहर चलने की संभावना भी जताई गई है। 5 से 8 जनवरी 2026 के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़; 5 से 9 जनवरी 2026 तक पश्चिमी राजस्थान; 5 से 10 जनवरी 2026 तक पूर्वी राजस्थान और 6 से 7 जनवरी 2026 के दौरान झारखंड के कुछ हिस्सों में शीतलहर पड़ने की संभावना प्रबल है।
दिल्ली में कल का मौसम
कल यानी 5 जनवरी को दिल्ली में मौसम ज्यादातर साफ रहने की उम्मीद है। सुबह के वक्त कई जगह हल्की धुंध और कुछ इलाकों में मध्यम धुंध दिखाई दे सकती है। अधिकतम तापमान करीब 17°C से 19°C के आसपास और न्यूनतम तापमान लगभग 7°C से 9°C के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है, जबकि दिन का तापमान लगभग सामान्य रहेगा। सुबह के दौरान सतह के पास हवाएं मुख्यतः पश्चिम दिशा से चलेंगी और इनकी रफ्तार 10 किमी प्रति घंटा से कम रहेगी। दोपहर तक हवा तेज होकर उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 15 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। शाम और रात में फिर से हवा की गति घटकर उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किमी प्रति घंटा से कम रहने की संभावना है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर भारत में अभी ठंड से राहत मिलने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। घने कोहरे के बीच शनिवार को भी शीतलहर ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। आने वाले दिनों में कोहरा और अधिक घना होने की संभावना जताई जा रही है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, घने कोहरे की वजह से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। अनुमान है कि अगले 72 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। इसके बाद प्रदेश भर में शीतलहर का प्रभाव और तेज़ होने की आशंका है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, हरदोई में सबसे कम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, कई जिलों में घने कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य रही।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में ठंड का असर लगातार बना हुआ है। सर्द हवाओं के कारण गलन बढ़ती जा रही है और न्यूनतम तापमान घटकर करीब 6 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अधिकतम तापमान 16.3 से 24.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों में किशनगंज में 24.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में बड़े बदलाव नहीं देखे गए। न्यूनतम तापमान की बात करें तो यह 6.4 से 12.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। छपरा में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि पटना में यह 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 जनवरी तक राजधानी पटना सहित राज्य के कई क्षेत्रों में इसी तरह की ठंड बनी रह सकती है।
राजस्थान में कल मौसम कैसा रहेगा?
पिछले 24 घंटों में राजस्थान का मौसम शुष्क रहा, जबकि कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। मौसम केंद्र के अनुसार, इस दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में शीत दिवस और शीतलहर जैसी स्थितिया दर्ज की गईं। सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, सीकर में 2.5 डिग्री, लूणकरनसर में 2.8 डिग्री, वनस्थली में 4 डिग्री और सिरोही, पाली व चूरू में 4.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। राजधानी जयपुर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम केंद्र का अनुमान है कि आने वाले समय में कुछ इलाकों में ठंड का असर बरकरार रह सकता है और सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
न्यूनतम तापमान का पूर्वानुमान
आने वाले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले दो दिनों के दौरान पारा करीब 2–3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, और फिर स्थिति स्थिर रहने की उम्मीद है। मध्य और पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट हो सकती है, जबकि उसके बाद लगभग चार दिनों तक खास फर्क नहीं पड़ेगा। महाराष्ट्र में भी अगले दो दिनों तक तापमान में बदलाव की संभावना कम है, लेकिन इसके बाद चार दिनों के दौरान 2–3 डिग्री सेल्सियस की कमी देखी जा सकती है, जिसके बाद पारा स्थिर रहने की संभावना है। गुजरात में अगले पांच दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है, और इसके बाद कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होने का अनुमान है। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान अधिकतर स्थिर रहने की उम्मीद जताई गई है।
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