दिल्ली : नीट परीक्षा लीक को लेकर लंबे समय से जारी गतिरोध के खत्म होने के बाद लोकसभा में मंगलवार को 'पेपर लीक विरोधी विधेयक' पर चर्चा हो रही है। लोकसभा में 'एंटी पेपर लीक बिल' पर भारतीय जनता पार्टी के नेता इसे छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता बता रहे हैं, लेकिन विपक्ष इसको लेकर सरकार को घेर रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद अखिलेश यादव ने पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल 2026 पर बोलते हुए कहा कि जो लोग चढ़ावे की चोरी नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक कैसे रोक सकते हैं? उन्होंने मौजूदा कानून में बस एक संशोधन पेश किया है। आप किसे धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं? अगर कानून असरदार होता, तो BJP के दस साल के कार्यकाल में 20 परीक्षाओं के पेपर कैसे लीक हो गए?
अखिलेश यादव ने लोकसभा में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये सरकार शिक्षा व्यवस्था को एक कलर में रंगना चाहती है। उन्होंने प्राइमरी स्कूलों के बंद होने और यूनीवर्सिटी में खामियों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य को चोट पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूलों पर नीचे तबके बच्चे पढ़ने जाते हैं। लेकिन ये सरकार नहीं चाहती कि गरीब के बच्चे पढ़ लिखकर आगे बढ़ें। सरकार दलित और शोषित बच्चों का विकास नहीं चाहती। सरकार के कार्यकाल में एकेडमिक लेवल से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हैं।
अखिलेश यादव ने कहा पेपर लीक मामले को उठा रहे युवाओं की बात पर को आखिर सरकार ने स्वीकार किया। सरकार जानती थी, ये मांग जायज है, जिसके लिए करोड़ों लोग सड़क पर उतरे। अखिलेश ने कहा कि रिजाइन के बाद पूर्व मंत्री का संसद के बाहर स्वागत किया गया। इससे धर्मेंद्र प्रधान को बहुत बड़ी राहत मिली होगी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि 'एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री बचा लिया'। आरोप लगाया कि भाजपा आश्वासन नहीं जुमला देती है। हालांकि, सरकार ने छात्रों को जो आश्वासन दिया है, उसकी मांगों को पूरा करेगी, ऐसा हम मानकर चल रहे हैं। सरकार के खिलाफ युवाओं ने आवाज बुलंद की तो सरकार लोकतांत्रिक हो गई और छात्रों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया। उन्होंने कहा कि युवाओं ने बताया कि 'झुकाने वाला चाहिए, सरकारें झुकती हैं'।
लाठीचार्ज लोकतंत्र का हनन-अखिलेश
नीट पेपर लीक को लेकर अखिलेश ने कहा कि करीब एक करोड़ लोग प्रभावित हुए, जिनमें 22 लाख बच्चों के परिवार भी शामिल थे। उन्होंने कहा ये सिर्फ दिल्ली में नहीं हुआ, बल्कि पूरा देश प्रभावित था। ये एक ऐसा मुद्दा था, जिससे बच्चों का साथ देने के लिए मां-बाप भी साथ आए। ये सिर्फ नीट का मामला नहीं है, जबकि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहीं गड़बड़ियां देश को गर्त में ले जाने जैसा है। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीयत साफ नहीं और जबतक नीयत साफ नहीं होगी तबतक नीट परीक्षा साफ नहीं होगी। शिक्षा की रक्षा के लिए जो आंदोलन करेंगे वो हमेशा जीतेंगे। पेपर लीक की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां से प्रधानमंत्री मोदी चुनकर आते हैं, वहां ऐसी स्थिति है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में कर्मचारियों को ’आउटसोर्स’ पर रखने का उल्लेख करते हुए कहा कि डर लगता है कि कहीं पूरी सरकार को आउटसोर्स न कर दिया जाए।
उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 26,386 प्राथमिक विद्यालय बंद किये गए हैं। यादव ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की कई इमारतों को ध्वस्त करने संबंधी प्रशासनिक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर विश्वविद्यालय बना था और उसे हथौड़ा लेकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है। सपा सांसद ने सवाल किया कि भाजपा की नफरत की राजनीति देश को कहां तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं
