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Kal Ka Mausam: मानसून दिखाएगा रौद्र रूप, कई राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश; पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक IMD का बड़ा अलर्ट

Kal Ka Mausam 29 June 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam Kaisa Rahega: मौसम का हाल इन दिनों लगातार बदल रहा है। एक ओर मानसून कई राज्यों में जोरदार बारिश लेकर पहुंच चुका है, तो दूसरी ओर उत्तर भारत के कुछ हिस्से अब भी भीषण लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश, तेज हवाओं, आंधी-तूफान और लू को लेकर कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है।

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कल का मौसम 29 जून 2026

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर कई राज्यों में मानसून सक्रिय होकर भारी बारिश करा रहा है, तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण लू का असर बना रहने की संभावना है। बात वेदर सिस्टम की करें तो वर्तमान में मौसमी द्रोणिका (सीजनल ट्रफ) पंजाब से बिहार तक फैली हुई है। इसके अलावा, मध्य क्षोभमंडल में 25 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 77 डिग्री पूर्व देशांतर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है।

निचले क्षोभमंडल में पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से तेलंगाना तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जबकि मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले एवं मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) मौजूद है। इसके साथ ही महाराष्ट्र तट से लगे पूर्व-मध्य अरब सागर और उत्तर तेलंगाना के आसपास मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों पर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। एक अन्य द्रोणिका उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश से मध्य महाराष्ट्र तक तथा दूसरी उत्तर आंतरिक कर्नाटक से कन्याकुमारी क्षेत्र तक फैली हुई है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 2 जुलाई 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से क्षेत्र के मौसम में बदलाव और वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

क्या है IMD का पूर्वानुमान?

मौसम विभाग (IMD) की वेदर रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले पांच दिनों तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 29 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है, जबकि 28 जून को असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भीषण से अत्यधिक भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।

कहां तक पहुंचा मानसून?

दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति की बात करें तो 28 जून तक इसकी उत्तरी सीमा अरब सागर से होते हुए गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और नेपाल सीमा के समीप तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों के दौरान मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके बाद आगामी दो से तीन दिनों में मानसून के हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान तथा उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने की संभावना है।

दिल्ली में कल का मौसम

सोमवार को राजधानी दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। दोपहर से लेकर रात के बीच कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश होने के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इस दिन दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से करीब 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकते हैं। हवा की दिशा मुख्य रूप से पश्चिमी रहेगी। सुबह के समय हवाओं की रफ्तार लगभग 22 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। दोपहर में हवाएं और तेज होकर करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। इसके बाद शाम और रात के दौरान हवा की गति फिर घटकर लगभग 22 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।

यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग का कहना है कि, 29 जून को उत्तर प्रदेश के मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जबकि झोंकों के साथ इनकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि राज्य के पश्चिमी हिस्सों में भीषण लू का असर कम होने लगेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी गर्मी का प्रभाव बना रह सकता है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में फिलहाल लू की स्थिति जारी रहने की आशंका है।

बिहार में अगले पांच दिनों का मौसम

29 जून से अगले पांच दिनों के दौरान बिहार में मानसून के पूरी तरह एक्टिव रहने की संभावना है। राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। 29 और 30 जून को कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 1 जुलाई को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। लगातार बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और निचले इलाकों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है। वहीं, वर्षा की गतिविधियों के चलते राज्य में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस व भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम का हाल

राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कल यानी 29 जून को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। वहीं, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है।

पहाड़ी राज्यों का मौसम

वहीं 29 जून से 1 जुलाई के बीच उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम के पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि कई स्थानों पर व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। उत्तराखंड में 30 जून से भारी बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, वहीं हिमाचल प्रदेश में 1 जुलाई से कई क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, अचानक जलस्तर बढ़ने और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बनती हैं। ऐसे में लोगों और पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना

तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, नीलगिरि, थेनी और डिंडीगुल जिलों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। कोयंबटूर जिले के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश होने की संभावना है। इसके पीछे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश के ऊपर बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव बताया जा रहा है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके अलावा चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, तिरुवन्नामलाई और विल्लुपुरम समेत कई उत्तरी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।

तापमान और लू को लेकर क्या है अपडेट?

29 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद 30 जून से 2 जुलाई के बीच तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र में 30 जून तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा, जबकि इसके बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आने का अनुमान है। वहीं, गुजरात में 1 जुलाई तक तापमान में खास परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। देश के अन्य अधिकांश हिस्सों में 4 जुलाई तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर भी चेतावनी जारी की है। 29 जून को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 29 और 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहने के आसार हैं। वहीं, 29 जून को सौराष्ट्र और कच्छ में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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