Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : मौसम के लिहाज से ये सप्ताह काफी राहत भरा रह सकता है। भीषण गर्मी और लू के बीच मौसम विभाग ने कुछ राज्यों के लिए खुशखबरी दी है। इस दौरान कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसमी गतिविधियां देखी जा सकती हैं। मौसम विभाग ने अगले 5 दिन तक बेमौसम बारिश का संभावना व्यक्त की है। इस दौरान कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बादल के बरसने का पूर्वानुमान है। आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा-पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत अन्य कई राज्यों में 17-18 अप्रैल तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है। लेकिन, 16 से 20 अप्रैल तक एक नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की खबर है, जिसके प्रभाव से 18 और 19 तारीख को भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हिमाचल, जम्मू-कश्मीर आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि के साथ बर्फबारी-बारिश का पूर्वानुमान है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखा जा सकता है। उधर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश का अंदेशा है।
यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। आईएमडी ने पश्चिमी विक्षोभ के असर से धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे लू और लगातार बढ़ रही गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की है।
दिल्ली कल का मौसम
दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो मौसम के औसत से 1.8 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार दिन में आसमान साफ रहने और शाम या रात में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है तथा अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। स्काईमेट ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली में 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान दर्ज किया जाएगा। हालांकि, 20 अप्रैल तक मौसमी गतिविधियां होने से गर्मी से मामूली राहत की गुंजाइश है।
दिल्ली में कितना प्रदूषण?
दिल्ली में धीरे-धीरे पॉल्यूशन से राहत मिल रही है। पिछले कुछ दिनों से एक्यूआई 200 से नीचे दर्ज किया जा रहा है। सुबह 9 बजे एक्यूआई 184 रहा जो मध्यम श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार के मौसम में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। पिछले दिनों 16 जिलों में मौसमी गतिविधियां देखी गईं थी। लेकिन, इस बार 24 जिलों में बादल छाए रहने के साथ चमक गरज और बारिश होने का पूर्वानुमान है। इस दौरान 19 जिलों में तेज हवाओं के झोंकों के साथ वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग ने बताया कि 19 अप्रैल से 20 अप्रैल तक तापमान में गिरावट की संभावना है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे बढ़ती गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
जम्मू-कश्मीर का मौसम
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 18 से 20 अप्रैल के बीच उत्तरी पहाड़ियों में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में गरज चमक के साथ भारी बारिश होगी। साथ ही ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी और बारिश की संभावना है, जिससे बढ़ा हुआ तापमान एक बार फिर कम होगा।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| मुंबई | 27 °C | 32 °C |
| दिल्ली | 25 °C | 38 °C |
| जयपुर | 28 °C | 38 °C |
| भोपाल | 25 °C | 38 °C |
| लखनऊ | 26 °C | 36 °C |
| पटना | 26 °C | 34 °C |
| देहरादून | 18 °C | 30 °C |
| शिमला | 11 °C | 22 °C |
| कश्मीर | 6 °C | 17 °C |
कब आएगा प्री मॉनसून?
मध्य भारत के कुछ भागों में 19 मार्च से प्री मॉनसून संकेत मिल रहे हैं। इनमें बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। 19 मार्च से पहाड़ी राज्य कश्मीर, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बर्फबारी हो सकती है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस बार संचयी वर्षा दीर्घ अवधि औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर का 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी 2025 के मानसून सीजन में लगभग 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। यह सामान्य से अधिक बारिश का संकेत है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है?
हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।
