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Kal Ka Mausam : 50 की रफ्तार से आ रहा तूफान, बिजली संग बारिश होगी मूसलाधार; IMD ने किया सावधान

kal ka mausam (09 October 2026) कल का मौसम कैसा रहेगा मानसून की बारिश, बाढ़ पर आईएमडी का अलर्ट : मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। इधर, उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम के बदलने के संकेत हैं।

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कल का मौसम

कल का मौसम कैसा रहेगा : उत्तर भारत में एक बार फिर से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। खासकर, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पिछले 24 घंटे से बादलों की आवाजाही के साथ कई जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई और तेज आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी देखी गईं। लखनऊ समेत कई शहरों में जलभराव होने से जनजीवन पर असर दिखाई दिया। आईएमडी के मुताबिक, अगले 48 घंटे के दौरान दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब के कुछ हिस्सों पर बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। उधर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले हिस्सों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि और वज्रपात का अलर्ट जारी है। अगले 72 घंटे तक इसी तरह का मौसम रहने का पूर्वानुमान है। उधर, दक्षिण भारतीय राज्यों में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। कमोबेश ऐसा ही मौसम पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बने रहने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में मानसून खत्म होने के बाद अब मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है। सुबह से धूप निकलने से दिन में गर्मी प्रतीत हो रही है, लेकिन सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है। फिलहाल, अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में और कमी आ सकती है। 10 और 11 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की गति करीब 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। फिलहाल, वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। मानसून खत्म होने के बाद प्रदूषण बढ़ने का खतरा बना हुआ है। उधर, नोएडा-गाजियाबाद की हवा भी 'खराब' श्रेणी में पहुंच सकती है।

राजस्थान में बारिश होगी क्या

राजस्थान के कई जिलों में मौसम बदल सकता है। इस वीकेंड पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, आगामी दिनों में उत्तर-पश्चिम राजस्थान व आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से 10-11 अक्टूबर को बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनू व आसपास के जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसी तरह 13-14 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होगी। राज्य के जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर व भरतपुर संभाग के ज्यादातर भागों में मौसम सूखा रहने का अनुमान है। बृहस्पतिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान पिलानी में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारतीय राज्यों में अभी मानसून बना हुआ है, जिससे भारी बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते गुरुवार से तीन दिनों तक कोयंबटूर और नीलगिरी में भारी बारिश हो सकती है।विभाग के अनुसार, तमिलनाडु के आंतरिक भाग और दक्षिणी कर्नाटक में व्याप्त निम्न दबाव प्रणाली मौसम को प्रभावित कर रही है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, कोयंबटूर जिले के पहाड़ी क्षेत्रों और नीलगिरी में गुरुवार को भारी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, कोयंबटूर, नीलगिरी और थेनी में दोनों दिन भारी बारिश होने की आशंका है। कन्याकुमारी जिले में भी शुक्रवार को भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे राज्य के दक्षिणी छोर तक तीव्र वर्षा का पूर्वानुमान और बढ़ जाएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के अंदरूनी भागों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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