झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में CID ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सात और लोगों को आरोपी बनाया है। इन सभी के खिलाफ विशेष अदालत से वारंट लेने के बाद सीआईडी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। इस मामले में सीआईडी 20 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, जिन CID ने जिन सात नए लोगों को आरोपी बनाया है, उनमें TDPL के एक अन्य निदेशक सत्यपाल सिंह, अभय तिवारी के सिंडिकेट के लिए एजेंट के तौर पर काम करने वाले बीएसएल कर्मचारी सानंद प्रकाश, रांची के एक कोचिंग सेंटर में अंग्रेजी के टीचर रविशंकर कुमार और सरकारी टीचर संतोष सिंह शामिल हैं। इनके अलावा तीन अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
समन भेजने पर उपस्थित नहीं हुए आरोपी
सीआईडी के मुताबिक, इन आरोपियों को जांच के दौरान पूछताछ के लिए समन भेजा गया था, लेकिन वे इसके लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद जांच एजेंसी ने विशेष अदालत का रुख किया और सभी के खिलाफ वारंट लिया। वारंट मिलने के बाद सीआईडी की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों की तलाश में रांची, बोकारो, पलामू और उत्तर प्रदेश स्थित संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
रांची में 20 दिनों से छात्रों का धरना
इधर, परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्र पिछले करीब 20 दिनों से स्टेडियम में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
देवेंद्र महतो ने प्रदर्शन स्थल पर जाने की अनुमति मांगी
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आंदोलन कर रहे JLKM नेता देवेंद्र महतो भी इस मामले में चर्चा में हैं। वह पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती हैं। बुधवार रात देवेंद्र महतो ने रांची के सिविल सर्जन को चिट्ठी प्रदर्शन स्थल पर वापस जाने की अनुमति मांगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच लौटने की इच्छा जताई है।
