दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में 13 फरवरी को छात्रों के विरोध प्रदर्शन हुआ। यह आंदोलन उस समय एक भयंकर राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया, जब एक महिला यूट्यूबर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को कवर करते समय करीब 500 लोगों की भीड़ ने उस पर हमला किया। रुचि तिवारी का आरोप है कि उन्हें उनकी जाति और पहचान के कारण निशाना बनाया गया। भीड़ ने उन्हें धमकी दी और उनके साथ मारपीट की, जिससे वह बेहोश हो गईं। हालांकि, एबीवीपी और एआईएसए के छात्रों ने विरोधाभासी बयान दिए हैं, जिससे यह घटना आरोप-प्रत्यारोप में तब्दील हो गई है।
एएनआई से बात करते हुए तिवारी ने कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार का वीडियो हर जगह मौजूद है। लोग खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि किसने किसको उकसाया? मैं एक पत्रकार हूं जो विरोध प्रदर्शन को कवर करने के लिए वहां मौजूद थी। एक मीडियाकर्मी ने मेरा नाम लिया। जब मैं उनके पास गई तो उन्होंने मेरा पूरा नाम और जाति पूछी। जब मैंने उन्हें अपना नाम बताया तो उन्हें चारो तरफ से घेर लिया गया और हमला कर दिया गया।
लड़कियों ने दी रेप की धमकी
आरोप है कि प्रदर्शन में शामिल लड़कियों ने मेरे कान में कहा 'तेरा रेप होगा', क्योंकि तू ब्राह्मण है! इतना ही नहीं उन्होंने कहा, 'आज तू चल, तेरा नंगा परेड निकलेंगे। वहीं, पुरुष प्रदर्शनकारी कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मुझे बांहों और गर्दन से पकड़ रखा था, जिससे मैं बेहोश हो गई थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।
रुचि तिवारी का आरोप है कि भीड़ ने उनकी जाति के कारण उन्हें निशाना बनाया और उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि वहां एक लड़का दूसरों को मुझे ले जाने का इशारा कर रहा था। क्या वे मेरा अपहरण करना चाहते थे?, मुझे गलत तरीके से छुआ जा रहा था। रुचि कहती हैं कि वे छात्र नहीं वे गुंडे थे। इस दौरान किसी ने मेरा साथ नहीं दिया, केवल कुछ लॉ के छात्रों ने मानवता दिखाई, और मैं उनकी और कुछ महिला पुलिसकर्मियों की मदद से बच निकली। फिलहाल, एफआईआर दर्ज हो चुकी है, मुझे कानून पर भरोसा है।
