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Jharkhand: पेपर लीक कराने वाले गैंग्स का सेंटर बना झारखंड, दो साल में 4 बड़े स्कैम

झारखंड पेपर लीक कराने वालों के लिए सेंटर बन गया है। पिछले दो साल में यहां 4 बड़े स्कैम हो चुके हैं, जिसमें दो दर्जन से ज्यादा लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है। इससे पहले भी जेएसएससी सीजीएल और बिहार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के पर्चे भी झारखंड से लीक हुए थे। आइए जानें पूरा मामला-

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प्रतिकात्मक तस्वीर ( फोटो साभार-istock)

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • दो साल में 4 बड़े स्कैम
  • प्रश्नपत्र के साथ छेड़छाड़
  • रटवाए जाते थे प्रश्नों के उत्तर

Jharkhand: झारखंड पेपर लीक कराने वाले गैंग्स का सेंटर बन गया है। पिछले दो सालों के भीतर झारखंड से पेपर लीक के चार बड़े स्कैम सामने आए हैं। 2024 के नीट-यूजी पेपर लीक स्कैम की जांच में झारखंड के दो दर्जन से ज्यादा लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है। इसके पहले इसी साल जेएसएससी सीजीएल और बिहार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के पर्चे भी झारखंड से लीक हुए थे। नीट-यूजी मामले में बिहार ईओयू (इकनॉमिक ऑफेंसेज विंग) की अब तक की जांच में इस बात के प्रमाण मिल चुके हैं कि झारखंड के हजारीबाग स्थित एग्जाम सेंटर से पेपर लीक हुआ था। पटना में इस परीक्षा के प्रश्न पत्र का जो अधजला हिस्सा मिला था, उसके सीरियल कोड से खुलासा हुआ है कि यह प्रश्नपत्र हजारीबाग के मंडई रोड स्थित ओएसिस स्कूल स्थित एग्जाम सेंटर में भेजा गया था।

प्रश्नपत्र के साथ किया गया छेड़छाड़

ईओयू की टीम ने हजारीबाग पहुंचकर स्टील के उन दो ट्रंक को जब्त किया है, जिनमें यहां प्रश्नपत्र भेजे गए थे। जांच में इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि इन ट्रंक में छेड़छाड़ किया गया था। ट्रंक में दो अलग-अलग कुंडियां पाई गई हैं। इसके पहले शुक्रवार को ईओयू की टीम पेपर लीक मामले में झारखंड के देवघर से छह युवकों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस बात के भी प्रमाण मिले हैं कि लीक किए गए पेपर रांची में मेडिकल पीजी के दस स्टूडेंट ने सॉल्व किए थे और फिर उन्हें परीक्षार्थियों तक भेजा गया था।

गिरोह के मास्टर माइंंड रांची में मकान

पेपर लीक करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड माने जा रहे सिकंदर यादवेंदु नामक बिहार के जिस जेई को गिरफ्तार किया गया है, उसका रांची के बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में आलीशान मकान है। उसने लंबे समय तक रांची में रहकर मेडिकल कॉलेज सहित कई विभागों में सिविल कन्स्ट्रक्ट्रशन वर्क्स में ठेकेदारी की है।

पहले भी हुए पेपर लीक

इसके पहले झारखंड में 28 जनवरी को आयोजित हुई एसएससी-सीजीएल (कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल) परीक्षा के पेपर लीक हो गए थे। इस पर भारी बवाल के बाद पुलिस ने झारखंड विधानसभा के अवर सचिव सज्जाद इमाम उर्फ मो. शमीम, उसके दो पुत्रों शाहनवाज हसन और शहजादा इमाम सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में इस परीक्षा के पेपर 27 से 30 लाख रुपए में बेचे जाने की बात सामने आई थी। पुलिस इस मामले में चार्जशीट फाइल कर चुकी है।

गेस्ट हाउस में रटवाए जाते थे प्रश्नों के उत्तर

इसी साल मार्च महीने में बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा का पेपर झारखंड के हजारीबाग से लीक हुआ था। यहां 300 से ज्यादा परीक्षार्थियों को गेस्ट हाउस में रुकवाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। इस रैकेट का खुलासा बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू), बिहार पुलिस और झारखंड पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में हुआ था।

पेपर लीक मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी

इस मामले में कुल 313 अभ्यर्थियों सहित पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े एक दर्जन लोगों को जेल भेजा गया था। साल 2022 के जुलाई में झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) में जूनियर इंजीनियरों के 1289 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित परीक्षा का भी पेपर हो गया था। इस मामले में आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसकी जांच आज भी जारी है।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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