Jammu-Delhi Highway News: जम्मू-दिल्ली नेशनल हाइवे-44 पर विजयपुर के ऐम्स के पास बना पुल अचानक धंस गया। हालात इतने खराब हुए कि प्रशासन को पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी। फिलहाल मरम्मत का काम तेज़ी से जारी है लेकिन लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
कठुआ में और भी गंभीर स्थिति
कठुआ शहर से बाहर हाईवे पर बने पुल के दो पिलर पानी में धंस गए। पुल की हालत विजयपुर से भी ज्यादा खराब बताई जा रही है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर हालात काबू में न आए तो पूरा स्ट्रक्चर खतरे में पड़ सकता है। जम्मू-पंजाब बॉर्डर पर रावी नदी ने तबाही का मंजर दिखा दिया। नदी ने अपना रुख बदलते हुए हाइवे और ब्रिज का हिस्सा बहा दिया। इतना ही नहीं, सड़क के किनारे बने CRPF के रिहायशी क्वार्टरों की नींव भी उखड़ गई। मकान ध्वस्त हो गए और सेना को जवानों को हेलीकॉप्टर से निकालना पड़ा।
जम्मू पहली बार 2 दिन तक ‘कट ऑफ’
इतिहास में पहली बार जम्मू दिल्ली से सड़क मार्ग से 2 दिनों तक पूरी तरह कटा रहा। नेशनल हाइवे-44 ही एकमात्र सड़क है जो जम्मू को देश से जोड़ती है। इसका सीधा असर आम नागरिकों से लेकर सेना की सप्लाई लाइन तक पर पड़ा। यही हाईवे सेना की मूवमेंट और हथियार-रसद पहुंचाने की रीढ़ है। ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में इसकी अहमियत साबित हो चुकी है। आतंकियों के निशाने पर हमेशा रहने वाले इस रूट का टूटना राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा है।
अवैध खनन की भूमिका
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि पुलों की नींव कमजोर होने के पीछे रेत और पत्थरों का अवैध उत्खनन बड़ी वजह है। लगातार हो रहे खनन ने पुल की मजबूती कम कर दी और तेज बारिश ने हालात को तबाही में बदल दिया।
