Bihar SIR Protest Patna: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR - Special Intensive Revision) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने पटना की सड़कों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव सहित कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।
शहीद स्मारक से शुरू हुआ था 'आक्रोश मार्च'
बिहार लोक भवन की ओर बढ़ा मार्च: विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बिहार विधानसभा परिसर के सामने स्थित ऐतिहासिक शहीद स्मारक से हुई। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी दलों के विधायक, सांसद और सैकड़ों कार्यकर्ता बिहार लोक भवन (राजभवन) की ओर मार्च कर रहे थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी दफ्तर के पास रोका: पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और पटना स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के पास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग कर जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया।
बैरिकेड्स लांघने की कोशिश पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब जुलूस को बैरिकेड्स पर रोका गया, तो तेजस्वी यादव और उनके समर्थकों ने पुलिस के अवरोधकों को लांघकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों को हिरासत में ले लिया।
'लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है'- तेजस्वी यादव: हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस वाहन में सवार होकर तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हमें राज्यपाल से मिलने की इजाजत तक नहीं दी जा रही है। ये लोग पूरी तरह से लोकतंत्र को नष्ट करने पर तुले हुए हैं।'
पुलिस की गाड़ी पर चढ़े RJD कार्यकर्ता: तेजस्वी यादव को जिस पुलिस वैन से ले जाया जा रहा था, आक्रोशित राजद कार्यकर्ता और समर्थक उस गाड़ी पर चढ़ गए और प्रशासन व चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
क्या है विरोध की मुख्य वजह?
'इंडिया' गठबंधन का आरोप है कि बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) इस प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाएं और निष्पक्षता सुनिश्चित करें।
