जयपुर

'राजस्थान में टेलीमेडिसिन से समय और पैसे दोनों की बचत', नवभारत नवनिर्माण मंच पर राजस्थान के डॉक्टर बोले

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 5, 2023, 05:34 PM IST

Navbharat Navnirman Manch : नवभारत नवनिर्माण मंच पर राजस्थान में टेलीमेडिसिन एवं टेलीकम्यूनिकेशन के असर एवं इसके लाभ पर डॉक्टर प्रवीण शर्मा एवं डॉ. ब्रजेश धाकेर ने खुलकर बातचीत की। 'स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल-टेलीमेडिसिन के जरिए कम होती दूरी' सत्र में डॉक्टर प्रवीण एवं डॉ. ब्रजेश ने बताया कि कोरोना संकट के दौरान टेलीमेडिसिन मरीजों के लिए कैसे वरदान साबित हुआ।

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नवभारत नवनिर्माण मंच राजस्थान।

Navbharat Navnirman Manch : राजस्थान में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए अशोक गहलोत सरकार ने कई कदम उठाए हैं। राज्य सरकार की इन पहलों के चलते शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे में बदलाव एवं सुविधाएं बढ़ी हैं। ग्रामीण इलाकों के पीएचसी एवं सीएचसी केंद्रों पर लोगों को नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। इलाज में टेलीमेडिसिन का दायरा एवं प्रभाव दोनों बढ़ा है। दूर-दराज के लोग सैकड़ों किलोमीटर की दूरी से विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं और उनसे परामर्श ले रहे हैं। इससे उनके पैसे और समय दोनों की बचत हुई है।

नवभारत नवनिर्माण मंच पर राजस्थान में टेलीमेडिसिन एवं टेलीकम्यूनिकेशन के असर एवं इसके लाभ पर डॉक्टर प्रवीण शर्मा एवं डॉ. ब्रजेश धाकेर ने खुलकर बातचीत की। 'स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल-टेलीमेडिसिन के जरिए कम होती दूरी' सत्र में डॉक्टर प्रवीण एवं डॉ. ब्रजेश ने बताया कि कोरोना संकट के दौरान टेलीमेडिसिन मरीजों के लिए कैसे वरदान साबित हुआ।

टेलीमेडिसिन से पैसे और समय दोनों की बचत

डॉ. शर्मा ने कहा कि वक्त के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। टेलीमेडिसिन एवं टेलीकम्यूनिकेशन से केवल इलाज ही नहीं बल्कि ट्रेनिंग भी जल्दी हो जा रही है। डॉक्टर के पास जाकर उसे अपनी समस्या बताना-दिखाना, यह हमेशा से अच्छा माना जाता है। लेकिन विशेष परिस्थितियों में टेलीमिडिसिन से जुड़कर आप अपना इलाज करा सकते हैं। छोटी समस्या के लिए कोई मरीज 500 किलोमीटर की दूरी से जुड़ता है। पांच मिनट में डॉक्टर उसे देख लेता है। इससे आने-जाने का समय और उसके पैसे की बचत होती है। सरकारी अस्पतालों से किसी केस को रेफर करने की यदि जरूरत है तो डॉक्टर टेलीमेडिसिन के जरिए तत्काल अपने सुपीरियर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

कोरोना संकट के दौरान टेलीमेडिसिन काफी कारगर हुई

डॉ. ब्रजेश ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान लोगों ने छोटी जगहों से टेलीमेडिसिन के जरिए डॉक्टरों से सलाह लिया और अपना इलाज कराया। गांव में बैठे व्यक्ति को शहर के बड़े डॉक्टर से इलाज हो पाना एक बड़ी बात है। गरीब लोगों के पैसे की बचत हुई। राजस्थान में हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुले हैं। अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ी हैं। नए मेडिकल कॉलेजों से नए डॉक्टर्स निकलेंगे जिससे राज्य का स्वास्थ्य ढांचा एवं सेवाएं और मजबूत होंगी।

महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कई योजनाएं

डॉ. ब्रजेश ने कहा कि महिला स्वास्थ्य को लेकर राजस्थान सरकार काफी गंभीर है। राजश्री योजना में बच्चियों के जन्म पर 50 हजार रुपए राज्य सरकार की ओर से दिया जाता है। प्रसव के बाद बालिका जन्म लेती है और उसकी पढ़ाई के लिए योजनाएं हैं। डॉ. ब्रजेश ने आगे कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ने से 90 फीसदी मरीजों का इलाज वहीं हो जा रहा है। कुछ ग्रामीण इलाके हैं जहां बिजली नहीं है, बिजली नहीं है तो वहां टेलीमेडिसिन की सुविधा नहीं मिल पातीं। ये कुछ दिक्कतें हैं जिन्हें दूर किया जा रहा है।

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