जयपुर

राजस्थान : वित्त विभाग की बड़ी पहल, लीव एनकेशमेंट जैसे 14 फंक्शन एक डैशबोर्ड पर

राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान के लिए अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट कर लिया है। इस नए सिस्टम के जरिए 10 लाख से अधिक कर्मचारियों को अब सेवानिवृत्ति पर लीव एनकेशमेंट के लिए बार-बार दौड़भाग नहीं करनी पड़ेगी।

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(फाइल फोटो)

Photo : Twitter

जयपुर : राज्य सरकार ने अपने सॉफ्टवेयर को अपग्रेड कर लिया है, जिससे 10 लाख से अधिक कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर बकाया राशि के भुगतान में आसानी होगी। नया सिस्टम, आईएफएमएस 3.0, पे मैनेजर से आईएफएमएस पर लाया गया है और इसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कई नए फंक्शन जोड़े गए हैं। हाल ही में एक एप भी विकसित किया गया है, जिसमें कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी प्रशासनिक जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस नए सिस्टम के तहत, सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स की जानकारी एक ही डैशबोर्ड पर उपलब्ध होगी, जिससे कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्य संस्कृति में सुधार होगा।

आईएफएमएस 2.0 की तुलना में, नए वर्जन में 14 एप्लीकेशन की जगह अधिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए, यह सिस्टम लीव एनकेशमेंट का बकाया, जो अधिकतम 300 दिनों तक हो सकता है, के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है। इसके तहत, कर्मचारियों को उनके बकाया पीएल का मूल वेतन और महंगाई भत्ता नगद भुगतान के रूप में मिलेगा। बिलों की प्रक्रिया भी अब आईएफएमएस 3.0 पर की जाएगी, जिससे बिल पास करवाने में कोई परेशानी नहीं होगी। इस नए वर्जन में विभिन्न प्रकार के बिलों की सुविधा भी उपलब्ध है, जैसे सेलेरी एरियर, डीए एरियर, चाइल्ड केयर लीव, और अन्य। तकनीकी सहायता के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा भी प्रदान की गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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