कोटा में भीषण आग का कहर; सोनी सब के श्रीमद् रामायण के वीर शर्मा और भाई की मौत, धुएं में दम घुटने से हुआ हादसा
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Oct 29, 2025, 10:58 AM IST
सोनी सब के धारावाहिक ‘श्रीमद् रामायण’ में पुष्कल की भूमिका निभाने वाले आठ वर्षीय वीर शर्मा और उनके भाई की कोटा स्थित घर में आग लगने के बाद धुएं से दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के समय घर में केवल दोनों बच्चे मौजूद थे, जबकि उनके माता-पिता कार्यक्रम और शहर में थे। पुलिस ने शॉर्ट-सर्किट को आग लगने का संभावित कारण बताया और मौतों की जांच जारी है।
बाल कलाकार वीर शर्मा और उनके भाई की आग के धुएं में दम घुटने से मौत
Child Actor Veer Sharma Death: सोनी सब के लोकप्रिय धारावाहिक ‘श्रीमद् रामायण’ में पुष्कल की भूमिका निभाने वाले आठ वर्षीय टीवी कलाकार वीर शर्मा और उनके बड़े भाई की राजस्थान के कोटा स्थित घर में आग लगने के बाद कथित रूप से धुएं से दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे के समय घर में केवल वीर और उनका 16 वर्षीय भाई शौर्य शर्मा मौजूद थे। उनके पिता जितेंद्र शर्मा, जो कोटा में एक कोचिंग सेंटर में पढ़ाते हैं, उस समय एक भजन कार्यक्रम में गए हुए थे। वहीं, दोनों बच्चों की मां और अभिनेत्री रीता शर्मा मुंबई में थीं।
बच्चों की मौत धुएं के कारण हुई
कोटा एसपी तेजेश्वरी गौतम ने रविवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए बताया कि आग लगने के पीछे शॉर्ट-सर्किट की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि आग फ्लैट के ड्राइंग रूम में लगी थी और संभवतः बच्चों की मौत धुएं के कारण हुई, क्योंकि आग अन्य कमरों तक नहीं फैली थी। अनंतपुरा थाना क्षेत्र के तहत दीपश्री बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर यह हादसा रविवार तड़के लगभग दो बजे हुआ। सर्किल इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पड़ोसियों ने फ्लैट से धुआं उठता देखा और दरवाजा तोड़कर बच्चों को बेहोशी की हालत में पाया।
फ्लैट का ड्राइंग रूम पूरी तरह जलकर खाक
अधिकारीयों ने बताया कि पड़ोसियों ने तुरंत बच्चों के पिता को हादसे की जानकारी दी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। एक पड़ोसी ने बताया कि उन्होंने इमारत में उपलब्ध अग्निशामक यंत्रों से आग पर काबू पाया और इस दौरान दमकल विभाग की गाड़ी बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। पुलिस के अनुसार, फ्लैट का ड्राइंग रूम पूरी तरह जलकर राख हो गया और फर्नीचर नष्ट हो गया।
मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी
अधिकारीयों ने बताया कि मुंबई से बच्चों की मां के आने के बाद शव परिवार को सौंप दिए गए। सर्किल इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि परिवार की इच्छा के अनुसार बच्चों की आंखें नेत्र बैंक को दान कर दी गईं। उन्होंने यह भी बताया कि बीएनएसएस की धारा 194 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और आग लगने तथा बच्चों की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
(इनपुट - भाषा)