दुनिया की सबसे खूबसूरत और प्यार की निशानी माने जाने वाले ताजमहल को गिराया जाएगा। एफिल टावर और माचू-पीचू को नष्ट कर दिया जाएगा। क्राइस्ट द रेडीमर भी भरभराकर गिरेगा। ऐसा ही कुछ हाल कोलेजियम का होगा और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को भी जमींदोज कर दिया जाएगा। दुनिया के इन अजूबों को गिराए जाने की खबर भले ही आपको परेशान कर दे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है। 6 महीने बाद आपको यह सब नहीं दिखेंगे।
आपने क्या समझा?
आपने क्या समझा, असली ताजमहल को गिरा दिया जाएगा? अरे नहीं, परेशान न हों। ऊपर बतायी गई सभी ऑरिजिनल बिल्डिंगें जस की तस रहेंगी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ही राजस्थान सरकार को आदेश दिया था कि गले 6 महीने के भीतर सेवन वंडर्स पार्क को गिराया जाए। इसके साथ ही 7 अप्रैल 2025 तक वैशाली नगर के लव-कुश गार्डन में फूड कोर्ट बनाने का भी आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा आदेश क्यों दिया?
प्रश्न तो यही है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट ने सा आदेश क्यों दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक केस की सुनवाई के बाद अपना यह आदेश दिया। इसमें आरोप लगाया गया था कि सेवन वंडर्स पार्क अजमेर में अणासागर लेक के वेटलैंड और ग्रीन बेल्ट पर बनाया गया है।
किसने फाइल की पेटिशन
अजमेर नगर निगम के पूर्व पार्षद असोक मलिक (जाट) ने अप्रैल 2023 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में एक पेटिशन फाइल की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सेवन वंडर्स पार्क को बनाने में वेटलैंड रेगुलेशन और शहर के मास्टर प्लान का उल्लंघन किया गया है। दिसंबर 2023 में NGT ने सभी अनधिकृत कंस्ट्रक्शन को हटाने का निर्देश दिया, किन इसके बावजूद पार्क में निर्माण कार्य चलता रहा।
भारतीय पब्लिक लेबर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इस मामले में वकील बाबूलाल साहू का कहना है, इस मामले में अगला कदम सेवन वंडर्स पार्क के लिए गैरकानूनी तरीके से वेटलैंड की जमीन का आवंटन करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना है। कोर्ट में दिए गए एक एफिडेबिट में राज्य सरकार ने कहा कि जितने बड़े एरिया में सेवन वंडर्स पार्क बनाया गया है, उससे दोगुना बड़ा आर्टिफिशियल वेटलैंड बना दिया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने सरकार से 7 अप्रैल तक नए वेटलैंड का एक्शन प्लान मांगा है।
