राजस्थान : राजस्थान की राजनीति में संजीवनी घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से आग्रह किया है कि वे मानहानि का मुकदमा वापस लें और पीड़ितों की संघर्ष समिति के साथ संवाद करें। संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी, जो 2008 में बाड़मेर में स्थापित हुई थी, ने लगभग डेढ़ लाख निवेशकों से 950 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
फर्जी लोन
इस घोटाले में निवेशकों के पैसे को फर्जी लोन और बोगस खातों में घुमाया गया, और सोसायटी की बही में 1100 करोड़ रुपये के ऋण दिखाए गए, जिनमें से अधिकांश ग्राहक फर्जी थे। इस मामले में मास्टरमाइंड विक्रम सिंह सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन निवेशक अब भी अपनी रकम की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत को पीड़ितों की वेदना का राजनीतिक लाभ उठाने के बजाय उनकी मदद करनी चाहिए थी।
गहलोत ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि पीड़ितों ने अपनी पूरी कमाई और पेंशन इस घोटाले में लगा दी है और वे गंभीर संकट में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी को टारगेट करना नहीं है और मानहानि के मामले को बार-बार उठाने पर चिंता व्यक्त की।
