Rajasthan Ka Mausam (राजस्थान का मौसम): हाल ही में राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में हुई बारिश के बाद अब पश्चिमी राजस्थान में गर्मी फिर से तेज हो गई है। इस महीने का सबसे गर्म दिन 45.9 डिग्री तापमान के साथ दर्ज किया गया, जिससे लू का असर बढ़ गया है और लोग उमस व तपिश से बेहाल हैं। यह छह वर्षों में पहली बार हुआ है कि जून माह में तापमान 45.9 डिग्री तक पहुंचा है। थार के रेगिस्तान में जून के दूसरे सप्ताह से ही भीषण गर्मी देखने को मिल रही है। बाड़मेर और जैसलमेर सहित आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई।
अब एक बार फिर तापमान बढ़ने से हीटवेव का प्रभाव तेज हो गया है। 6 सालों बाद जून के महीने में तापमान 46 डिग्री पार करने की ओर बढ़ रहा है। बाड़मेर शहर में पिछले सात दिनों में तापमान में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे शहर की सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं। गर्मी की तीव्रता इतनी अधिक हो गई है कि लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं दोपहिया वाहन चालक गर्मी से बचने के लिए सिर ढककर बाहर निकल रहे हैं। पश्चिमी राजस्थान और जोधपुर संभाग में भीषण गर्मी का असर लगातार बना हुआ है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कमजोर पड़ती दिख रही है।
फिलहाल बरसात की संभावना नहीं
IMD वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, विशेष रूप से बीकानेर संभाग के गंगानगर में जहां 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया गया है। आगामी 2-3 दिनों में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में गंभीर हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। बीकानेर, जैसलमेर, चूरू, झुंझुनू और कोटा में तापमान 45-46 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है, और अगले कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य से अधिक गर्म रहेगी। पूर्वी राजस्थान में भी अगले 4-5 दिनों तक तापमान इसी स्तर पर रहेगा। फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 16-17 जून के बाद बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाओं का आंशिक प्रभाव देखा जा सकता है।
