Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हाउसिंग और क्रेडिट सोसायटीज को अलग-अलग नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत क्रेडिट सोसायटीज के लिए एक नियामक बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता विभाग के प्रमुख सचिव करेंगे। इस बोर्ड को ब्याज दर तय करने और आवश्यक होने पर सोसायटी को बंद करने का अधिकार होगा।
नए नियमों के तहत हाउसिंग सोसायटीज अब बिना रजिस्टर्ड डीड के जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर सकेंगी और नकद लेनदेन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी सोसायटीज को बैंकों की तरह सिक्योरिटी और लिक्विडिटी रेशियो बनाए रखना अनिवार्य होगा। क्रेडिट सोसायटीज केवल अपने पूर्ण सदस्यों से ही डिपॉजिट स्वीकार कर सकेंगी। इसके अलावा, हर सोसायटी को अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
जमीन के लेन-देन की जानकारी 60 दिन के भीतर रजिस्ट्रार को देना और वित्तीय वर्ष के अंत में सभी रिकॉर्ड जमा करना भी अनिवार्य किया गया है। सहकारिता मंत्री गौतम दक ने बताया कि ये सुधार सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक थे, जिन्हें अब लागू किया जा रहा है।
