Rajasthan Covid New Guidelines & Rules in Hindi: चीन में कोरोना का नया वेरिएंट बीएफ.7 कहर बरपा रहा है। हालात इस कदर खतरनाक हैं कि, अस्पतालों में बेड नहीं हैं। अब तक इतने लोग इसके शिकार होकर दम तोड़ चुके हैं कि, डेड बॉडी रखने के लिए जगह नहीं है, वहीं दवाइयां खत्म हो गई हैं। कोविड के चीन में मचे तांडव से पूरी दुनिया में भय का संचार है।
चीन में तेजी से बढ़ रहे कोविड के ग्राफ को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी सभी राज्यों को सतर्क रहने को कहा है। हालांकि अभी इसे लेकर सरकार की ओर से कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। पहले की पुरानी गाइड लाइन के मुताबिक ही कोविड प्रोटोकॉल फोलो करने के निर्देश दिए गए हैं। विदेशों से भारत आने वालों पर नजर रखने सहित उनकी टेस्टिंग करने व प्रदेश में वैक्सीनेशन की दर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में इसे लेकर तैयारियां की जा रही है।
कोरोना से बचाव की तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राजस्थान में इसे लेकर तैयारियां की जा रही है। राजस्थान में अभी कुआलालंपुर, बैंकॉक, दुबई, आबूधाबी, शारजाह और मस्कट से फ्लाइट्स आ रही हैं। मगर फिलहाल बाहर से आने वाले पैसेंजर्स की एयरपोर्ट में कोविड जांच नहीं की जा रही है। स्वास्थ्य निदेशालय के परियोजना निदेशक डॉ. रघुराज सिंह के मुताबिक वैक्सीनेशन की साइट्स 5 हजार से घटकर 1200 से 1300 के बीच रह गई है। उनके मुताबिक अब लोग टीके लगवाने कम आ रहे हैं। इस वजह से ये साइट्स बंद करनी पड़ गई। हालांकि वैक्सीन का स्टॉक पूरा है। बता दें कि, जब कोविड परवान पर था तब वैक्सीनेशन के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थीं।
प्रदेश में अभी इतने एक्टिव मरीज
राजस्थान में पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट देखें तो 5114 नमूनों की जांच में 5 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद अब प्रदेश में एक्टिव कोविड पॉजिटिव रोगियों की संख्या 52 हो गई है। जिलेवार हालात देखें तो सबसे अधिक 45 एक्टिव रोगी जयपुर में है। वहीं सिरोही, उदयपुर में 2-2 और भीलवाड़ा, दौसा व पाली में 1-1 एक्टिव मरीज है। डॉ. रघुराज सिंह के मुताबिक राजस्थान में अभी वैक्सीनेशन की स्थिति पर नजर डालें तो 12 साल या उससे अधिक एजग्रुप के 5 करोड़ 8 लाख लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। ये संख्या कुल टारेगट का 84 प्रतिशत है। हेल्थ डिपार्टमेंट के नोडल अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल रोजाना औसतन डॉक्टर्स की ओर से लिखी गई 3700 से 4 हजार के बीच जांचें हो रही हैं।
