Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में मौजूदा समय में सियासी माहौल चल रहा है। गौरतलब है कि चुनाव को लेकर उलटी गिनती शुरू हो चुकी हैं। चुनाव को लेकर हर पार्टी अपनी-अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर चुकी हैं, लेकिन इस बार किसका पलड़ा भारी रहेगा वो तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा। वहीं, पूरे प्रदेश में एक ही चरण में 25 नवंबर को मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी, जबकि मतगणना 3 दिसंबर को होगी। बता दें इस बार राजस्थान के करीब 5.25 करोड़ वोटर्स मिलकर अगले 5 साल के लिए अपने प्रत्याशियों के किस्मत लिखेंगे। बता दें आज से 71 साल पहले 1952 में पहली बार राजस्थान विधान सभा चुनाव हुआ था।
616 उम्मीदवारों ने लड़ा था चुनाव
राजस्थान में पहली बार विधान सभा चुनाव आज से 71 साल पूर्व 1952 में हुआ था। इस विधान सभा चुनाव में 140 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 616 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। हालांकि, इसमें 20 दो सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र थे, जबकि 120 एकल सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र थे। इस समय वोटरों की संख्या करीब 92 लाख थीं। हालांकि, इनमें से भी सिर्फ 33 लाख के आसपास वोटर ही वोट डालने के लिए गए थे। वहीं, इस बार वोटरों की अनुमानित संख्या करीब 5.25 करोड़ हैं। हालांकि देखना यह होगा कि इस बार कितने वोटर वोट डालने के लिए जाते हैं।
किसकी बनी थी सरकार?
बता दें पहली विधानसभा चुनाव में 160 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था। इस दौरान कांग्रेस ने 82 सीटों पर जीत दर्ज की थीं। वहीं, कांग्रेस के विरुद्ध लड़ रहे अखिल भारतीय राम राज्य परिषद पार्टी को 24 सीटों पर जीत हासिल हुई थीं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की थीं। इसके अलावा सोशलिस्ट पार्टी ने एकसीट पर, किसान मजदूर प्रजा पार्टी ने एक सीट पर, अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने दो सीट पर, कृषिकर लोक पार्टी ने सात सीट पर और भारतीय जन संघ ने आठ सीटों पर जीत हासिल की थीं।
