जयपुर

अग्निवीरों के लिए अब राजस्थान सरकार का बड़ा ऐलान; पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण

Rajasthan Sarkar Plan for Agniveer: अग्निवीरों को अब एक और राज्य की सरकार ने खुशखबरी देते हुए ये घोषणा की है कि पूर्व अग्निवीरों को कई नौकरियों में आरक्षण मिलेगा। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने अग्निवीरों को राज्य पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण देने का फैसला किया है।

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राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा का बड़ा ऐलान।

Jaipur News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अग्निवीरों को यूपी पुलिस और पीएसी में वेटेज देने का फैसला किया, तो वहीं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणा की। इन राज्यों में अग्निवीर में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद पुलिस भर्तियों समेत अन्य विभागों में आरक्षण दिया जाएगा। वहीं अब राजस्थान सरकार सेना में अग्निवीर के रूप में सेवाएं देने वाले युवाओं को राज्य पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण देगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को यह घोषणा की।

राजस्थान सरकार ने अग्निवीरों के लिए बनाया प्लान

सेना में अग्निवीर के रूप में सेवाएं देने वाले युवाओं के लिए भजनलाल शर्मा की सरकार ने बड़ी घोषणा करते हुए ये बताया है कि राजस्थान पुलिस, राज्य के जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण दिया जाएगा। माना जा रहा है कि ये फैसला अग्निवीर योजना को लेकर लोगों की नाराजगी को कम करने में सहायक हो सकता है।

कहां-कहा किया गया है आरक्षण का प्रावधान?

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, “मुख्यमंत्री शर्मा ने करगिल विजय दिवस के अवसर पर सेना के अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि समर्पण और राष्ट्र भक्ति की भावना से देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले अग्निवीरों के लिए राजस्थान सरकार ने राज्य पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया है।”

बयान के अनुसार, शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार के इस फैसले से अग्निवीरों को देश की सेवा के बाद राज्य में भी काम करने का अवसर मिलेगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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