Jaipur: राजस्थान के लोगों को जल्द ही वाहन खरीदने के लिए दूसरे राज्यों की अपेक्षा में अब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है, क्योंकि राज्य सरकार नए वाहन की खरीद पर सड़क सुरक्षा सेस लगाने जा रही है। इस सेस से जमा होने वाला पूरा पैसा राज्य के अंदर सड़क हादसों को रोकने के विभिन्न उपायों में खर्च किया जाएगा। बताया जा रहा है कि, इस सेस को लागू करने के लिए राज्य सरकार बाकायदा एक बिल लाने के साथ एक निधि तैयारी करने में जुटी है। इस बिल को आगामी विधानसभा सत्र में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। यह सेस कितने फीसदी होगा, इसकी जानकारी बिल पेश करते हुए दी जाएगी।
राज्य परिवहन व सड़क सुरक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि, इस सड़क सुरक्षा सेस के अलावा सड़क पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान राशि से एकत्रित होने वाले धन का भी 25 फीसदी पैसा अब सड़क सुरक्षा निधि में दिया जाएगा। इस निधि का निर्माण सड़क सुरक्षा एक्ट के तहत किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस बिल का प्रारंभिक ड्राफ्ट अक्टूबर माह में ही तैयार करने के साथ इस पर आमजन के सुझाव भी लिए जा चुके हैं। अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस निधि की सबसे खास बात यह होगी कि, यह निधि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के साथ कभी भी लैप्स नहीं होगी।
बीते साल का जुर्माना भी होगा इस निधि का हिस्सा
अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार बीते साल 2022 में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 200 के तहत एकत्र हुई चालान राशि का 25 फीसदी हिस्सा भी इस निधि में देगी। बता दें कि, इस धारा के तहत विभिन्न धाराओं में दर्ज चालान को कंपाउड किया जाता है। इसके अलावा धारा 73 के तहत एकत्रित जुर्माना राशि का भी 25 फीसदी हिस्सा इसी निधि में शामिल किया जाएगा। सड़क सुरक्षा निधि कर हर एक पैसा सिर्फ सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों में किया जाएगा। सड़कों पर सुरक्षा उपाय करने के साथ लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसके अलावा राज्य के स्वामित्व वाली सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोकने के सभी उपाय अब इसी निधि से किए जाएंगे। साथ ही सड़कों के किनारे मेडिकल सुविधाओं के विस्तार में भी इसी निधि का उपयोग होगा।
