Bikaner News: राजनीति की चकाचौंध और सत्ता की व्यस्तताओं के बीच जब कोई नेता अपने पुराने रिश्तों को याद रखता है, तो वह इंसानियत की सबसे सुंदर मिसाल बन जाता है। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बीकानेर दौरे के दौरान अपने जीवन के उसी सुनहरे अध्याय को फिर से जीवंत कर दिया। दरअसल, डॉ. किरोड़ी मीणा इन दिनों बीकानेर प्रवास पर हैं। देर रात उन्होंने गंगापुरा, सांखला फांटे के पास नकली खाद बनाने वाली दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी की, जहां से करीब 65 हजार कट्टे जब्त किए गए।
लेकिन इस आधिकारिक व्यस्तता के बीच उन्होंने अपने पुराने मित्र से मिलने का समय भी निकाला। यह मुलाक़ात किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं थी। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में डॉक्टरी की पढ़ाई के दौरान का वह कठिन दौर जब देश में आपातकाल लागू था। हर तरफ डर और दहशत का माहौल था। उसी समय एक साधारण युवक नारायण ने अपनी मित्रता का ऐसा फर्ज निभाया, जिसे डॉ. किरोड़ी आज भी नहीं भूले। नारायण ने न केवल उन्हें छिपाने का साहस दिखाया, बल्कि उनकी देखभाल भी की। आज वक्त बदल गया है।
नारायण आर्थिक तंगी और अकेलेपन से जूझ रहे हैं। जैसे ही यह खबर डॉ. किरोड़ी तक पहुंची, वे तुरंत उनके घर पहुंचे। दरवाजे पर खड़े पुराने मित्र को देखकर नारायण की आंखें भर आईं। गले लगकर उन्होंने कहा “डॉ. साहब मेरे लिए कृष्ण जैसे हैं, सुदामा की कुटिया में पधारना आज के जमाने में बहुत बड़ी बात है। आज तो अपने भी भूल जाते हैं।” डॉ. किरोड़ी ने न केवल उनकी आर्थिक मदद की बल्कि भावनात्मक सहारा भी दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जीवन की इस राह में वे कभी अकेले नहीं रहेंगे। इस मुलाकात ने हर किसी को भावुक कर दिया। राजनीति के शोर और सत्ता की व्यस्तताओं से अलग यह क्षण इंसानियत और दोस्ती की गहराई का सबसे संवेदनशील चेहरा बनकर सामने आया। बीकानेर में डॉ. किरोड़ी और नारायण की यह मुलाकात इस बात की गवाही है कि रिश्तों की सच्चाई और दोस्ती का फर्ज वक्त, हालात और पद से कहीं ऊपर होता है।
