Rajasthan: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 232 नगर निकायों में 4101 सड़क विकास कार्यों का शिलान्यास किया। 1528 करोड़ रुपए लागत के इन सड़क विकास कार्यों से राज्य में 2642 कि.मी. लम्बाई की सड़कों का निर्माण और विकास होगा। गहलोत ने शिलान्यास समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रदेशवासियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की प्रगति में मजबूत सड़क तंत्र का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा सड़कों के सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण कार्य करा रही है। इनमें वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार 250 से अधिक जनसंख्या वाले ट्राइबल व डेजर्ट क्षेत्रों तथा 350 से अधिक जनसंख्या वाले अन्य क्षेत्रों को भी सड़कों से जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा सड़कों के निर्माण में कमी नहीं रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़कों की गुणवत्ता के साथ कार्यों को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सीकर में सड़क के गड्ढे में गिरने से बच्चे की अकाल मृत्यु पर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। विभागीय विशेषज्ञों व थर्ड पार्टी ऑडिटर के अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर निगरानी रखें। इसमें स्थानीय आमजन भी अहम जिम्मेदारी निभाएं।
सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान सड़क तंत्र में आगे बढ़कर देश का मॉडल स्टेट बन रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, कृषि, पानी, बिजली तथा उद्योग सहित हर क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हो रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के विजन पर प्रतिबद्ध है।
ब्लैक स्पॉट दुरुस्त, दुर्घटनाओं में आएगी कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाएं रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के 1548 ब्लैक स्पॉट को चिंहित कर 1365 को दुरूस्त कर दिया गया है। विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण के साथ ही अब बनाने वाली कम्पनी की जिम्मेदारी भी 5 साल कर दी गई है। वहीं, जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड़ एण्ड बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में महंगाई राहत कैंप लगाए गए। इनमें 1.79 करोड़ से अधिक परिवारों ने पंजीयन कराकर 7.60 करोड़ से अधिक गारंटी कार्ड प्राप्त किए हैं। इन परिवारों को चिकित्सा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन व बिजली सहित 10 योजनाओं में राहत मिलना शुरू हो गई है। वहीं, प्रशासन शहरों/गांवों के संग अभियानों में 8.50 लाख से अधिक पट्टे जारी किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा पट्टों के लिए कई नियमों में संशोधन भी किया गया है।
