जयपुर

शहर की भीड़ में खोए मासूम, जयपुर पुलिस की सतर्कता ने लौटाई मुस्कान, जानें क्या है मामला?

बच्चों के गुम होने की घटनाओं में जयपुर पुलिस ने साबित किया कि सही समय पर कार्रवाई से बड़े हादसे टाले जा सकते हैं। सिंधी कैंप और झोटवाड़ा की घटनाओं में पुलिस की सतर्कता और सीसीटीवी की मदद से बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया गया। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि भीड़भाड़ और तेज रफ्तार जिंदगी में सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

Photo : Times Now Digital

जयपुर में हाल ही में हुई दो घटनाओं ने यह साबित किया कि तेज रफ्तार जिंदगी और भीड़-भाड़ में बच्चों का खो जाना कितना जोखिमपूर्ण हो सकता है। पहली घटना में, धौलपुर से आई 4 वर्षीय पलक सिंधी कैंप बस स्टैंड पर अपने परिवार से बिछड़ गई। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची की तलाश शुरू की।

लगभग 2 घंटे के भीतर, बच्ची को जयपुर रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया गया और उसे उसकी मां के पास लौटा दिया गया। इससे दोनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।दूसरे मामले में, झोटवाड़ा क्षेत्र में एक 3 वर्षीय बच्चा आइसक्रीम खरीदने के लिए घर से निकला, लेकिन रास्ता भटक गया और लगभग 4 किमी दूर चला गया। जब परिजनों को उसकी अनुपस्थिति का पता चला, तो उन्होंने झोटवाड़ा पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत 10 टीमों का गठन किया और रेस्क्यू सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

जानकारी के मुताबिक, टीमों ने क्षेत्र के सभी होटल, ढाबे और सार्वजनिक स्थानों की जांच की और लगभग 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अंततः, पुलिस ने बच्चे को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया, जिससे परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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