बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान फ्रीबीज यानी मुफ्त सुविधाओं की राजनीति की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली और पानी जैसे वादे तात्कालिक राहत तो दे सकते हैं, लेकिन यह एक नकारात्मक राजनीति है जो लंबे समय तक टिक नहीं सकती। राठौड़ ने चेताया कि जब जनता को इस तरह के वादों की असलियत समझ में आएगी, तो इससे सरकार की स्थिरता और समग्र विकास प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने हनुमान बेनीवाल की उस अपील को भी निशाने पर लिया जिसमें जनता से बिजली के बिल न भरने का आह्वान किया गया था। राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में सकारात्मक राजनीति की जरूरत है, जो विकास को आगे बढ़ाए, न कि अव्यवस्था को। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान की कानून व्यवस्था में सुधार का दावा किया, यह कहते हुए कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन में पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई करने के दौरान भी अपमान सहना पड़ता था।
राठौड़ ने अपनी सरकार द्वारा बजरी माफिया पर लगाम कसने के प्रयासों को भी उजागर किया और बताया कि छोटे-छोटे ठेके देकर अवैध खनन पर रोक लगी है, जिससे न केवल खनन नियंत्रित हुआ है बल्कि सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी भी बढ़ी है। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लंबे समय तक नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
