जयपुर

फ्रीबीज की राजनीति पर मदन राठौड़ का हमला; सकारात्मक विकास और कानून व्यवस्था में सुधार पर जोर

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान मुफ्त सुविधाओं की राजनीति को तात्कालिक राहत के बजाय दीर्घकालिक नुकसानदायक करार दिया। उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार और अवैध खनन पर कार्रवाई को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। साथ ही, उन्होंने सकारात्मक और विकासशील राजनीति की जरूरत पर जोर दिया।

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मदन राठौड़ (फाइल फोटो)

Photo : ANI

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान फ्रीबीज यानी मुफ्त सुविधाओं की राजनीति की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली और पानी जैसे वादे तात्कालिक राहत तो दे सकते हैं, लेकिन यह एक नकारात्मक राजनीति है जो लंबे समय तक टिक नहीं सकती। राठौड़ ने चेताया कि जब जनता को इस तरह के वादों की असलियत समझ में आएगी, तो इससे सरकार की स्थिरता और समग्र विकास प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने हनुमान बेनीवाल की उस अपील को भी निशाने पर लिया जिसमें जनता से बिजली के बिल न भरने का आह्वान किया गया था। राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में सकारात्मक राजनीति की जरूरत है, जो विकास को आगे बढ़ाए, न कि अव्यवस्था को। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान की कानून व्यवस्था में सुधार का दावा किया, यह कहते हुए कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन में पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई करने के दौरान भी अपमान सहना पड़ता था।

राठौड़ ने अपनी सरकार द्वारा बजरी माफिया पर लगाम कसने के प्रयासों को भी उजागर किया और बताया कि छोटे-छोटे ठेके देकर अवैध खनन पर रोक लगी है, जिससे न केवल खनन नियंत्रित हुआ है बल्कि सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी भी बढ़ी है। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लंबे समय तक नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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