जयपुर : राजस्थान भाजपा ने लंबे इंतजार के बाद अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। कुल 34 पदाधिकारियों की इस टीम में संगठन ने नए और पुराने चेहरों का मिश्रण रखते हुए बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। कार्यकारिणी में 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 7 मंत्री, 1 कोषाध्यक्ष, 1 सह-कोषाध्यक्ष, 1 प्रकोष्ठ प्रभारी और 7 प्रवक्ताओं की नियुक्ति की गई है।
उपाध्यक्ष: 9 नाम, कई नए चेहरे
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की नई टीम में 9 उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। पहले 10 उपाध्यक्ष थे। इस बार छह नए चेहरे—सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी, बिहारीलाल विश्नोई, छगन माहुर, हकरू माईड़ा, अल्का मुन्दड़ा और सरिता गेना—को स्थान मिला है। वहीं मौजूदा कार्यकारिणी से नाहर सिंह जोधा, मुकेश दाधीच और डॉ. ज्योति मिर्धा को दोबारा उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके विपरीत कई प्रमुख नेताओं—तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ, सरदार अजयपाल सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, पूर्व सांसद सीआर पाटिल और मोतीलाल मीणा—को इस बार कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली है।
महामंत्री: संख्या कम, सिर्फ एक पुराना चेहरा रिपीट
नई कार्यकारिणी में महामंत्रियों की संख्या घटाकर 5 से 4 कर दी गई है। पिछली कार्यकारिणी से सिर्फ श्रवण सिंह बगड़ी को ही दोबारा मौका दिया गया है।
नई नियुक्तियों में कैलाश मेघवाल, भूपेन्द्र सैनी और मिथिलेश गौतम को महामंत्री बनाया गया है।
वहीं विधायक जितेन्द्र गोठवाल, सांसद दामोदर अग्रवाल, पूर्व सांसद संतोष अहलावत और ओमप्रकाश भडाणा को बाहर कर दिया गया है।
प्रमोशन भी मिला
कुछ नेताओं को इस बार पदोन्नति भी दी गई है—
•भूपेन्द्र सैनी और मिथिलेश गौतम, जो पिछली कार्यकारिणी में मंत्री थे, अब प्रमोट होकर महामंत्री बने हैं।
•एससी मोर्चा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को प्रमोट कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।
•एसटी मोर्चा अध्यक्ष नारायण मीणा को प्रमोट करके मंत्री पद दिया गया है।
नई कार्यकारिणी भाजपा संगठन में बदलाव और संतुलन लाने का संकेत देती है, साथ ही आने वाले पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए पार्टी ने जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों पर भी खास ध्यान दिया है।
