देशभर में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। बिहार की तर्ज पर अब राजस्थान सहित 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चुनाव आयोग ने राजस्थान की सभी 200 विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथ पर वोटर लिस्ट की गहन जांच का निर्णय लिया है। सोमवार रात प्रदेश की मतदाता सूची फ्रीज होने गई है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस कदम पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि “करीब 20 साल पहले भी SIR प्रक्रिया हुई थी, तब कोई विवाद नहीं हुआ था। लेकिन अब चुनाव आयोग ने ऐसा माहौल बना दिया है जिससे आमजन के मन में शक पैदा हो गया है।”
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं: गहलोत
गहलोत ने सवाल उठाया कि जब SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है, तब 12 राज्यों में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “भारत में संविधान लागू होने के पहले दिन से सभी को मताधिकार मिला, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में महिलाओं और अश्वेतों को वोट देने का अधिकार मिलने में दशकों लग गए। SIR प्रक्रिया से जनता के मन में मताधिकार छीने जाने की आशंका पनप रही है।”
विपक्ष को साथ लेकर निर्णय लेना चाहिए था
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को विपक्षी दलों को भी इस फैसले में शामिल करना चाहिए था। “अगर आयोग ने सभी दलों से चर्चा की होती, तो यह कदम ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद लगता। लेकिन अब लोगों के मन में शंका बढ़ गई है।”
गृह मंत्रालय का काम है नागरिकता तय करना
गहलोत ने कहा कि कौन देश का नागरिक है और कौन अनाधिकृत तरीके से रह रहा है, यह गृह मंत्रालय का विषय है, न कि चुनाव आयोग का। “चुनाव आयोग का दायित्व निष्पक्ष चुनाव कराना है, न कि नागरिकता की जांच करना।”
महाराष्ट्र चुनाव परिणामों पर भी उठाए सवाल
गहलोत ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणामों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को जीत मिली, लेकिन चार महीने बाद विधानसभा चुनाव में सभी धड़े हार गए। यह एकतरफा नतीजे कैसे हो सकते हैं?”
बिहार चुनाव को लेकर भी बोले गहलोत
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी 29 अक्टूबर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे, और तेजस्वी यादव के साथ संयुक्त रैलियां करेंगे। “छठ पर्व के बाद राहुल गांधी मैदान में उतरेंगे। महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और हम बिहार का चुनाव जीतने जा रहे हैं।” गहलोत ने कहा कि 243 सीटों पर चुनाव हो रहा है, और 5–6 सीटों पर यदि कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने लड़ भी रहे हैं तो यह कोई बड़ी बात नहीं है। “मुख्य मुकाबला महागठबंधन बनाम एनडीए का ही है।”
बहरहाल राजस्थान समेत 12 राज्यों में वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जहां प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी कवायद मानी जा रही है, वहीं राजनीतिक तौर पर इसने नई बहस को जन्म दे दिया है। विपक्ष इस कदम को मताधिकार के दायरे को सीमित करने की कोशिश बता रहा है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि यह सिर्फ वोटर सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने की पहल है।
