जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार को जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गहलोत ने कहा कि तीन साल बीत जाने के बावजूद NIA इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। गहलोत ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान महज तीन घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि यह मामला उनकी सरकार के पास होता तो छह से आठ महीने के भीतर सजा सुना दी जाती।
पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में पीड़ित परिवार से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, “परिवार मुझसे पूछ रहा था कि तीन साल हो गए, हमें कब न्याय मिलेगा? यह सवाल आज पूरे प्रदेश की जनता पूछ रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने परिवार को 5 लाख और 50 लाख रुपये के मुआवजे के नाम पर केवल गुमराह किया है।
गहलोत ने तस्वीर का किया जिक्र
गहलोत ने एक तस्वीर का हवाला देते हुए यह भी दावा किया कि मुख्य आरोपी की तत्कालीन नेता गुलाबचंद कटारिया के साथ तस्वीर मौजूद थी। गहलोत के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेताओं ने आरोपी को छुड़वाने की कोशिश भी की थी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल तस्वीर का होना सबूत के तौर पर पर्याप्त नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा कि इस मामले में न्याय कब मिलेगा यही सबसे बड़ा रहस्य बन गया है। अगर हमारी सरकार होती तो अब तक फांसी या उम्रकैद की सजा हो जाती, लेकिन 3 साल में NIA कुछ नहीं कर पाई।”
गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि राजस्थान दौरे के दौरान वे कन्हैयालाल के परिवार से मिलें और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है और न्याय में देरी जनता के विश्वास को कमजोर करती है।
