जयपुर

Rajasthan: बीचे रास्ते खत्म हुआ एंबुलेंस का तेल, धक्का लगाते रहे परिजन और मरीज ने तोड़ दिया दम

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 26, 2022, 08:25 PM IST

Rajasthan: राजस्थान में स्वास्थ्य सेवा का हाल बेहाल है। हाल ये है कि रास्ते में चलते-चलते एंबुलेंस का डीजल खत्म हो जाता है। जिसके कारण एक शख्स की मौत हो जाती है। सरकारी अधिकारी इस मामले में जांच की बात कह रहे हैं और सरकार कार्रवाई की बात कह रही है।

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राजस्थान में सड़क पर खराब हुई एंबुलेंस (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI

Rajasthan: राजस्थान में एक शख्स की मौत सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण हो गई है। शख्स के परिवार वाले कोशिश करते रहे लेकिन मरीज ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। हुआ यूं कि जिस एंबुलेंस से शख्स को अस्पताल ले जाया जा रहा था, उसका बीच रास्ते में ही तेल खत्म हो गया।

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से यह शर्मनाक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा जिले के दानापुर गांव में तेजिया नाम का 40 वर्षीय व्यक्ति अचानक बेहोश हो गया। इसके बाद परिजन एंबुलेंस बुलाकर मरीज को जिला अस्पताल ले जाने लगे। बांसवाड़ा से करीब 10-12 किलोमीटर दूर रतलाम रोड टोल प्लाजा के पास एंबुलेंस अचानक रुक गई।

जब मरीज के परिजनों ने एंबुलेंस के रुकने का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि डीजल खत्म हो गया है। उसके बाद मरीज की बेटी और दामाद ने करीब एक किलोमीटर तक एंबुलेंस को धक्का दिया, लेकिन वो इससे पहले की अस्पताल पहुंच पाते, मरीज की मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक अपनी बेटी के घर आया हुआ था, वो पिछले तीन महीने से वहीं रह रहा था। गुरुवार को बेहोशी की हालत में वह खेत में गिर पड़ा। जिसके बाद एंबुलेंस को बुलाया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक एंबुलेंस का तेल खत्म होने के बाद तेजिया के परिवार ने 500 रुपये का डीजल भी खरीदा था। डीजल डालने के बावजूद एंबुलेंस नहीं चली, जिसके बाद दूसरी एंबुलेंस भेजी गई। उसे वहां पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लगा और जिसके कारण शख्स की मृत्यु हो गई।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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