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अमृतसर में ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश; दो गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा बरामद

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने आईएसआई समर्थित आतंकी और सीमा पार हथियार तस्करी से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में रहकर हथियारों की तस्करी, कट्टरपंथ फैलाने और देश विरोधी प्रचार में सक्रिय थे।

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अमृतसर ग्रामीण इलाके में ISI समर्थित आतंक और सीमा पार हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ (फोटो: Twitter - @DGPPunjabPolice)

Photo : Twitter

Punjab News: अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने आईएसआई के समर्थन से चल रहे एक आतंकी और सीमा पार हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से राइफलें, पिस्तौलें तथा कई कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कट्टरपंथ फैलाने के साथ-साथ देश और पुलिस के खिलाफ भ्रामक तथा विरोधी प्रचार भी कर रहा था।

पंजाब पुलिस के डीजीपी ने क्या कहा?

पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि अमृतसर ग्रामीण के घरिंडा थाना में इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और इसके आगे-पीछे के सभी कनेक्शन का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पुलिस ने दोहराया कि आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति कायम रहेगी। कार्रवाई के दौरान गिरोह के पास से एक एके-47 राइफल, उसके दो मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा तीन आधुनिक ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल भी पुलिस ने जब्त की हैं।

पंजाब के एसबीएस नगर के रहने वाले हैं आरोपी

पुलिस के मुताबिक, 22 फरवरी को काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने काउंटर इंटेलिजेंस एसएएस नगर के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में 1 जनवरी 2026 को हुए आईईडी (आरडीएक्स) विस्फोट मामले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जारी बयान के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान महावीर काका और मनप्रीत मणि के रूप में हुई है, जो पंजाब के एसबीएस नगर के रहने वाले हैं। कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।

इनके निर्देशों पर कर रहे थे काम

जारी बयान के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी विदेश में बैठे सरगनाओं गोपी नवाशेहरिया और जस्सी कुलाम के निर्देशों पर काम कर रहे थे। दोनों का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर विदेशी हैंडलरों के कहने पर आईईडी (आरडीएक्स) और हैंड ग्रेनेड से जुड़े हथियारों की खेप हासिल की थी। इन्हीं खेपों में से एक आईईडी (आरडीएक्स) का इस्तेमाल नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट को अंजाम देने के लिए किया गया था।

(इनपुट- एएनआई)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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