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Indian Railway: इस रूट पर 2025 तक इंस्टॉल हो जाएगा 'कवच सिस्टम', दुर्घटना पर बनेगा ढाल

Kavach System नई दिल्ली से मुंबई और हावड़ा रूट पर दिसंबर 2025 तक 'कवच सिस्टम' इंस्टॉल हो जाएगा। साल 2030 तक पूरे भारतीय रेलवे रूटों पर इसका काम पूरा हो जाएगा।

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Indian Railway: इस रूट पर 2025 तक इंस्टॉल हो जाएगा 'कवच सिस्टम', दुर्घटना पर बनेगा ढाल

Kavach System: ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर भारतीय रेलवे प्रयास तेज कर रही है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले 'कवच सिस्टम' और भविष्य में आने वाले रेलवे के कई मॉडल पर चर्चा की। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने कवच सिस्टम के बारे में बताया कि नई दिल्ली-मुंबई और नई दिल्ली-हावड़ा वाले रेलवे ट्रैक पर 2025 तक 'कवच सिस्टम' इंस्टॉल कर लिया जाएगा, वहीं 2030 तक पूरे भारतीय रेलवे में इसका काम पूरा हो जाएगा।

रेलवे की सुरक्षा के लिए टेंडर

बताया कि कवच बहुत ही महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी इंप्रूवमेंट रहेगा, जो रेलवे की सुरक्षा के मानक को बहुत ज्यादा बढ़ा देगा। जो भी टेक्नोलॉजी से जुड़ी परेशानी थी, उसको कवच 4.0 में हमने दूर कर दिया है। इससे जुड़े दो महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिसमे हर लोको में हमे लोको कवच लगाना है। इसके लिए 10,000 लोकोमोटिव में लोको कवच लगाने का टेंडर दिया हुआ है। एक से डेढ़ साल में लोको कवच लग जाएगा। इसके अलावा ट्रैक पर जो काम करना है, उसमें करीब 3000 किलोमीटर नई दिल्ली-मुंबई और नई दिल्ली-हावड़ा पर पहले से काम चल रहा है। दोनों रूट के ट्रैक का काम दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाएगा। 2030 तक पूर्ण रूप से भारतीय रेलवे में कवच सिस्टम को इंस्टॉल कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा रेलवे के जितने भी मॉडल देखने को मिल रहे हैं, उन पर काम चल रहा है। कई प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। सभी का सुरक्षा के लिहाज से निरीक्षण किया जाएगा और उसको राष्ट्र के नाम समर्पित किया जाएगा। वंदे स्लीपर का जो भी प्रोजेक्ट है, वो पूरा हो चुका है। इस पर टेस्टिंग चल रही है। इसके बाद दो महीने तक इसका ट्रायल चलेगा। इसके बाद नौ रैक बनाए जाएंगे और 50 रैक और बनाने का ऑर्डर दिया जाएगा, जो दो-तीन साल में बन जाएंगे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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