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Uttarakhand News: उत्तराखंड में इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम की तैयारी, आपदा से बचाव में करेगा मदद

उत्तराखंड में आपदाओं के समय तुरंत राहत और बचाव कार्य पहुंचाने के लिए इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इससे स्थिति की गंभीरता और जोखिम के अनुसार तत्काल बचाव और समाधान कार्य किया जा सकेगा।

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आपदा से बचाव के लिए बनाया जा रहा सिस्टम (फोटो साभार - ट्विटर)

Uttarakhand News: उत्तराखंड में इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसकी मदद से आपदा में तेजी से राहत और बचाव कार्य लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। यह सिस्टम तीन भागों में कार्य करेगा, जिसमें पहला सेक्शन ऑपरेशन का होगा, दूसरा प्लानिंग सेक्शन होगा और तीसरा लॉजिस्टिक होगा। इन तीनों सेंक्शन के समन्वय से आपदा के समय राहत कार्य तेजी से हो सकेंगे। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इस अभियान को शुरू कर रहा है, और यह सिस्टम राष्ट्रीय प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए द्वारा बनाया गया है।

जिला और राज्य स्तर पर बनेंगी टीमें

उत्तराखंड में हर साल आपदाएं देखने को मिलती हैं। हाल ही में उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग हादसा हुआ था और इससे पहले जोशीमठ भूधंसाव भी देखने को मिला था। इन आपदाओं को देखते हुए एनडीएमए इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम बना रहा है। जिसे एनडीएमए के नियमों के अनुसार ही तैयार किया जा रहा है। इस सिस्टम के लिए जिला और राज्य स्तर पर टीमें बनाई जाएंगी, ताकि आपदा के समय स्थानीय टीमों से तुरंत मदद पहुंच सके, ये टीमें आपदा के अनुसार काम करेंगी। हर कार्य के लिए अलग-अलग अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे।

स्थानीय टीमें लेंगी तुरंत एक्शन

किसी आपदा की प्रारंभिक चेतावनी मिलने के बाद उस जगह की इंसिटेंड रिस्पांस टीम सक्रिय होगी। यह स्थानीय टीम बिना चेतावनी के आपदा में काम करेगी और अगर जरूरत पड़ेगी तो वह आरओ से मदद के लिए संपर्क करेगी। अगर आपदा बड़ी होगी और स्थानीय टीम के नियंत्रण में नहीं होगी तो उच्च स्तरीय आईआरटी टीम को इसकी सूचना दी जाएगी, जिसके बाद उच्च स्तरीय टीम बचाव का कार्य करेगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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