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भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का उद्घाटन, श्रद्धालुओं के लिए ओपन एयर थियेटर तैयार; CM मोहन यादव ने की पूजा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मंदसौर में भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। सीएम ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण भी किया। त्रिनेत्र रुद्राकनी के मध्य में रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दर्शन होता है। इसके बाद एमफी थियेटर परिसर स्थित यज्ञशाला में मुख्यमंत्री यज्ञ में पूर्णाहुति दी।

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भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का उद्घाटन

मंदसौर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर में भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से लोक का निर्माण किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंच कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सीएम ने मंदिर परिसर में पालकी में रजत प्रतिमा के रूप में विराजित भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना की।

22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण

मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट में बैठकर पशुपतिनाथ लोक का भ्रमण किया। सीएम ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण भी किया। त्रिनेत्र रुद्राकनी के मध्य में रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दर्शन होता है। इसके बाद एमफी थियेटर परिसर स्थित यज्ञशाला में मुख्यमंत्री यज्ञ में पूर्णाहुति दी।

शिवना नदी के पास स्थित है पशुपतिनाथ लोक

पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे और अधिक भव्य बनाया जा रहा है। शिवना नदी के पास स्थित यह लोक पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक हो चुका है। इसके चार प्रवेश द्वार हैं।

ओपन एयर थियेटर तैयार

पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन एयर थियेटर भी बनाया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर प्रतीक्षालय की व्यवस्था भी की गई है। आपात परिस्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है। मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल और पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स भी मौजूद हैं।

श्री पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन, उद्यान, शिव स्तंभ, म्यूरल वॉल, सेल्फी प्वाइंट तथा सुव्यवस्थित पाथवे का निर्माण किया गया है, सरकार का उद्देश्य पशुपतिनाथ परिसर तो तीर्थ रूप में विकसित करने का है। इसे धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। अब मंदिर के आसपास विभिन्न प्रकार की मूलभूत सुविधाओं के साथ दुकानें इत्यादि विकसित होंगी, जिससे रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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