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Monsoon Update: गुजरात, महाराष्ट्र और केरल में भारी बारिश का कहर; सेना-NDRF की हुई तैनाती

Monsoon 2026: मानसून के विकराल रूप से गुजरात, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों में आफत आ गई है। मौसम विभाग ने गुजरात और केरल में रेड अलर्ट जारी किया है। नवसारी में 9 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और राहत कार्य में NDRF और सेना तैनात की गई है।

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गुजरात और केरल में रेड अलर्ट, 15 जिलों में भारी तबाही

Photo : PTI

Monsoon 2026: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से मेहरबान होने के साथ-साथ कई राज्यों के लिए आफत का कारण बन गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में आगामी दिनों में अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी-तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड में मानसून बेहद विकराल रूप धारण कर चुका है, जिससे कई इलाकों में स्थानीय बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं।

गुजरात में तबाही का मंजर, नवसारी में 13 इंच बारिश

मौसम विभाग ने गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, अरावली, भरूच, भावनगर, बोटाद, गांधीनगर, कच्छ, खेड़ा, मेहसाणा, मोरबी, पाटन, साबरकांठा, सुरेंद्रनगर और वडोदरा सहित 15 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और प्रति घंटे 15 मिमी से अधिक बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

सबसे खराब स्थिति गुजरात के नवसारी जिले की है। नवसारी के कलेक्टर मनीष गुरवानी के अनुसार, जिले में औसतन 7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि वांसदा तालुका में अकेले 13 इंच और नवसारी व खेरगाम में 8-8 इंच बारिश हुई है। जिले से गुजरने वाली पूर्णा नदी खतरे के निशान (23 फीट) को पार कर 25.5 फीट पर बह रही है। कावेरी नदी खतरे के स्तर 19 फीट के मुकाबले 24 फीट और अंबिका नदी 26 फीट पर पहुंच गई है।

सेना और NDRF तैनात

प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9,236 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। जिले में कुल 188 सड़कें (9 राज्य राजमार्ग और 179 पंचायत सड़कें) बंद कर दी गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 3 SDRF टीमें, 1 NDRF टीम और सेना की 1 टुकड़ी को स्टैंडबाय पर रखा गया है। जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, ITI और आंगनबाड़ियों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मछुआरों को अगले तीन दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान का हाल

केरल के अलापुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कन्नूर, कासरगोड, कोझिकोड, मलप्पुरम, तिरुवनंतपुरम और वायनाड में तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। महाराष्ट्र के पुणे शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट और उससे सटे घाट क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। घाट इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश से भूस्खलन और भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है।

राजस्थान में कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure System) सक्रिय होने के कारण दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 3 अगस्त के बाद मौसम प्रणाली के उत्तर की ओर खिसकने से बारिश में थोड़ी कमी आने का अनुमान है। वहीं, उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

प्रशासन की चेतावनी और सावधानियां

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने, जर्जर भवनों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा बिना किसी जरूरी काम के यात्रा करने से बचने की अपील की है। आपदा प्रबंधन टीमें जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों से लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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