Places in India Where Holi is Not Celebrated: होली का रंग-बिरंगा पर्व हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन पूरे भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व के कई देशों में भी रंगों का उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि भारत में ही कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहां होली नहीं खेली जाती। इन जगहों पर होली न मनाने के पीछे अलग-अलग और रोचक मान्यताएं प्रचलित हैं। ऐसे में आज हम आपको भारत की इन्हीं अनोखी और दिलचस्प जगहों से रूबरू करवाएंगे।

कहां नहीं मनाई जाती है होली? (सांकेतिक फोटो)
भारत में यहां नहीं मनाई जाती है होली
हरियाणा का दुसेरपुर
हरियाणा के दुसेरपुर गांव में करीब 300 वर्षों से होली नहीं खेली गई है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, बहुत पहले होली के दिन गांववालों ने एक साधु का अपमान कर दिया था। कहा जाता है कि इससे गुस्सा होकर साधु ने गांव को श्राप दिया कि यहां कभी होली नहीं मनाई जाएगी। तभी से गांव के लोग इस परंपरा का पालन कर रहे हैं।
उत्तराखंड के खुरजान और क्विली गांव
उत्तराखंड के खुरजान और क्विली नामक दो गांवों में लगभग 150 सालों से होली का उत्सव नहीं मनाया जाता। यहां के निवासियों का विश्वास है कि उनकी कुलदेवी त्रिपुर सुंदरी को शोर-शराबा पसंद नहीं है। यदि गांव में होली मनाई गई तो देवी नाराज होकर किसी अनहोनी का कारण बन सकती हैं। इसी आस्था के चलते इन गांवों में आज भी होली नहीं खेली जाती।
झारखंड का दुर्गापुर
झारखंड के दुर्गापुर में भी होली नहीं मनाने की परंपरा है। कहा जाता है कि होली के दिन ही यहां के राजा दुर्गा प्रसाद की हत्या रामगढ़ के राजा ने कर दी थी। इस घटना के बाद से गांव में होली बंद हो गई। बाद में, लगभग सौ साल बाद कुछ मल्हार समुदाय के लोगों ने यहां होली मनाने की कोशिश की, लेकिन उसी दिन दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और गांव में महामारी फैल गई। लोगों ने इसे अशुभ माना और तब से यहां होली पूरी तरह बंद है। यहां तक कि अगर गांव का कोई व्यक्ति बाहर भी हो, तो लोग उसे रंग लगाने से बचते हैं।

गुजरात के रामसन गांव नहीं मनाई जाती है होली (सांकेतिक फोटो)
गुजरात का रामसन गांव
गुजरात के रामसन गांव में लगभग 200 सालों से होली नहीं मनाई जाती। मान्यता है कि बहुत पहले होलिका दहन के दिन गांव में भीषण आग लग गई थी, जिससे कई घर जलकर राख हो गए। इस घटना के बाद गांववालों ने होली मनाना बंद कर दिया और आज तक यह परंपरा जारी है।
मध्य प्रदेश का कूचीपुरा गांव (भिंड जिला)
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित कूचीपुरा गांव में भी होली नहीं मनाई जाती। कहा जाता है कि सदियों पहले एक संत ने किसी कारणवश नाराज होकर गांव को श्राप दिया था कि यदि यहां होली मनाई गई तो परिवारों पर संकट आएगा। इसी डर और आस्था के कारण आज भी यहां होली का त्योहार नहीं मनाया जाता।
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।)
