शहर

शिमला में पर्यटकों का सैलाब, 45 दिनों में पहुंचीं 15 लाख गाड़ियां; हिमाचल जाने से पहले पढ़ लें पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी

Shimla Traffic: गर्मियों की छुट्टियों के कारण शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जहां पिछले 45 दिनों में 15 लाख से अधिक वाहन पहुंचे हैं। इस भारी दबाव के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए शिमला पुलिस ने 'फाइव-पॉइंट' रणनीति तैयार की है।

Image

शिमला पुलिस का एक्शन प्लान (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Shimla Traffic: गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही पहाड़ों की रानी शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। आलम यह है कि पिछले 45 दिनों में (1 मई से 15 जून के बीच) करीब 15 लाख से ज्यादा वाहन शिमला में एंट्री कर चुके हैं। इस भारी भीड़ की वजह से हाईवे और संपर्क मार्गों पर अक्सर लंबे जाम की स्थिति बन रही है। होटल कारोबारियों के मुताबिक, वीकेंड पर होटलों में ऑक्यूपेंसी 90 फीसदी तक पहुंच जा रही है। इस भारी भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए शिमला पुलिस (Shimla Police) ने एक खास 'फाइव-पॉइंट' (पांच सूत्रीय) रणनीति तैयार की है, ताकि पर्यटकों (Shimla Tourist Rush) और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।

पुलिस की पांच सूत्रीय रणनीति

शिमला के पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव सिंह ने बताया कि आंतरिक रुकावटों को दूर कर लिया जाए, तो इतनी भीड़ को संभालना मुश्किल नहीं है। पुलिस की इस रणनीति में मुख्य रूप से ये पांच बातें शामिल हैं:

  • अतिरिक्त पुलिस बल और बाइक सवार जवानों की तैनाती।
  • नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए इंटरसेप्टर वाहनों का इस्तेमाल।
  • शहर को 5 सेक्टरों में बांटकर राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) द्वारा निगरानी।
  • पर्यटकों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी देना।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: राहुल गांधी का अचानक बदला कोटा प्लान, ट्रेन छोड़ अब चार्टर प्लेन से भरेंगे उड़ान, जानें 5 घंटे का पूरा शेड्यूल

    बड़ी गाड़ियां खराब होना और अवैध पार्किंग बड़ी चुनौती

    पुलिस (Shimla Police) के मुताबिक, शिमला की लाइफलाइन मानी जाने वाली 'कार्ट रोड' पर बसों या ट्रकों जैसी भारी गाड़ियों का खराब होना सबसे बड़ी सिरदर्दी है। संकरी सड़क होने के कारण क्रेन लाने में काफी समय लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में 3 क्रेन तैनात की गई हैं। इसके अलावा, प्राइवेट बसों का कहीं भी रुक जाना और सड़कों के किनारे अवैध पार्किंग भी जाम की बड़ी वजह हैं, जिन पर पुलिस सख्ती बरत रही है।

    क्विक रिस्पांस के लिए खास इंतजाम

    ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 210 अतिरिक्त पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात किए गए हैं। साथ ही, तुरंत एक्शन के लिए 32 बाइक सवार जवानों की टीम बनाई गई है, जो जाम की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचेगी। पर्यटकों को जाम से बचाने के लिए कुफरी, नारकंडा और किन्नौर जाने वाले वाहनों को 'शोघी-मेहली बाईपास' से जाने की सलाह दी जा रही है।

    इस रास्ते से रोजाना करीब 800 गाड़ियां निकाली जा रही हैं, जिससे शहर के अंदर दबाव कम हुआ है। इसके साथ ही, शिमला पुलिस सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके लोगों को ट्रैफिक अपडेट्स भी दे रही है।

    monu jha
    मोनू झाauthor

    मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

    और पढ़ें
    End of Article