Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश की जनता पर जल्द ही महंगाई की मार पड़ सकती है। प्रदेश सरकार ने विधानसभा में 'विधवा और अनाथ सेस' (Cess) से संबंधित संशोधन बिल पारित कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी होने की संभावना बढ़ गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस कदम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए विपक्ष के विरोध को 'जनविरोधी' करार दिया है।
सेस का पैसा, अपनों का सहारा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि तेल की कीमतों पर लगाया जाने वाला यह अतिरिक्त सेस सीधे तौर पर राज्य की विधवा बहनों और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। सीएम ने कहा, कि हिमाचल में डीजल और पेट्रोल के दाम अब भी पड़ोसी राज्यों के मुकाबले कम या उनके बराबर हैं। हम यह कदम किसी शौक के लिए नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्ग को सहारा देने के लिए उठा रहे हैं।
विपक्ष पर हमला: 'पेट्रोल पंप मालिकों के दबाव में BJP'
इस बिल के विरोध को लेकर मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक पेट्रोल पंप मालिकों के दबाव में आकर इस जनहितकारी सेस का विरोध कर रहे हैं। सुक्खू ने कहा, कि अगर भारतीय जनता पार्टी के विधायक केंद्र सरकार से एक्साइज़ ड्यूटी और विभिन्न सेस वापस करवा दे, तो इससे डीजल-पेट्रोल सस्ता हो जाएगा।
एंट्री टैक्स पर सरकार का 'यू-टर्न'?
हिमाचल के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की दिक्कतों को देखते हुए सरकार एंट्री टैक्स (Entry Tax) में की गई बढ़ोतरी पर अब पुनर्विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि इससे सीमाई इलाकों के निवासियों को परेशानी हुई है। कैबिनेट की बैठक में इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और जल्द ही जनता को राहत देने वाला फैसला लिया जा सकता है।
आर्थिक संकट या सुधार? वेतन पर सीएम की सफाई
प्रदेश में आर्थिक आपातकाल जैसे दावों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन को केवल डेफर किया गया है यानी आगे बढ़ाया है, इसमें कोई कटौती नहीं की गई है। उन्होंने प्रदेश की वर्तमान माली हालत के लिए पूर्व की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के आंकड़ों को झूठा करार दिया।
