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असम में बाढ़ से बेकाबू हुए हालात, 5 मौतों के साथ आंकड़ा 80 पार; 14 लाख लोगों पर कुदरत की मार

Flood in Assam: असम में भारी बारिश से बाढ़ के हालात हैं। 27 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या करीब 14.39 लाख है। इस भयानक बाढ़ में पांच लोगों की मौत के बाद आंकड़ा 84 तक पहुंच गया है।

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असम में बाढ़ का कहर

Photo : PTI

Flood in Assam: पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश से हाल-बेहाल हैं। खासकर, असम में हालात बेकाबू हैं। बाढ़, भूस्खलन और तूफान जानलेवा साबित हो रहा है। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली असम की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पिछले 24 घंटों में असम में पांच और लोगों की मौत हो गई, जिससे बाढ़ से संबंधित मौतों की संख्या 84 के आंकड़े को छू गई है। कुल मिलाकर राज्य के 27 जिलों में बाढ़ से 14.39 लाख के आसपास लोग प्रभावित हैं। हालात सुधरने के बजाय भयावह होते जा रहे हैं।

रियायशी इलाकों में भरा पानी

असम में भारी बारिश से रियायशी इलाके जलमग्न हो गए हैं। लाखों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य में ब्रम्हापुत्र समेत कई मुख्य नदियां उफान पर हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर नेमाटीघाट, तेजपुर, गुवाहाटी और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ के पानी में 86 राजस्व मंडलों के अंतर्गत 2580 गांव डूब गए। 1.57 लाख लोग अभी भी 365 राहत शिविरों और वितरण केंद्रों में शरण लिए हुए हैं। तटीय इलाकों में रह रहे लोग अधिक प्रभावित हैं।

काजीरंगा पार्क में 150 जानवरों की मौत

अब हालात ये हैं कि इंसानों के साथ जानवर भी जान गवां रहे हैं। अभी तक बाढ़ से ग्रसित होकर 84 लोगों के साथ कई जानवर भी मौत के मुंह में समा चुके हैं। उधर, काजीरंगा नेशनल पार्क में 150 से अधिक जानवरों के डूबकर मरने की खबर है। दैनिक, जागरण के हवाले से नौ दुर्लभ एक सींग वाले गैंडे भी मौत के शिकार हो गए हैं।

आईएमडी के मुताबिक, अगले 2 दिन उत्तरी और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश होने की आशंका है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो सकती है। राज्य सरकार की आकलन रिपोर्ट के अनुसार, असम में 9 नदियों का जलस्तर पहले ही डेंजर जोन से ऊपर बह रहा है, जबकि ब्रम्हापुत्र समेत अन्य सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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