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आफत की बारिश! उत्तर के पहाड़ों से लेकर दक्षिण तट तक भारी वर्षा की चेतावनी

देश के तमाम हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी है। कल यानी मंगलवार 26 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग में हुए लैंडस्लाइड में 30 लोगों के मारे जाने की खबर है। इधर IMD का कहना है कि कल 28 अगस्त से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है।

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देशभर में भारी बारिश का दौर जारी (फोटो - AI)

कल यानी गुरुवार 28 अगस्त से देख के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की शुरुआत होने वाली है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने यह चेतावनी जारी की है। इस बारिश का असर न सिर्फ मैदानी इलाकों पर पड़ेगा, बल्कि पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) और मलबा गिरने (Mud Slide) का भी खतरा बढ़ जाएगा।

कहां सबसे ज्यादा बारिश की मार?

मौसम विभाग के अनुसार पूर्व और मध्य भारत बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यहां ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश होगी। मध्य प्रदेश, विदर्भ और झारखंड में भी अगले तीन दिनों तक लगातार तेज बरसात की संभावना है।

उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बारिश और भूस्खलन से हालात लगातार खतरनाक बने हुए हैं। उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में अगले हफ्ते तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। गुरुवार 28 और शुक्रवार 29 अगस्त को उत्तराखंड में खासतौर से बहुत भारी बारिश की आशंका है।

पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र के घाट वाले इलाकों में झमाझम बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं।

दक्षिण भारत की बात करें तो यहां तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। इन राज्यों में अगले 48 घंटों तक मूसलधार बारिश का दौर चलेगा। यानी आज और कल गुरुवार 28 अगस्त को बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहेगा।

उत्तर-पूर्व भारत के असम, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भी अगले एक हफ्ते तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

इन इलाकों में बारिश से होगी परेशानी

भारी बारिश के चलते शहरों में निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भर सकता है, जिससे ट्रैफिक जाम और आवाजाही ठप होने की आशंका है। लगातार बारिश की वजह से कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे किनारे बसे गांव प्रभावित होंगे।

उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में मलबा गिरने और रास्ते बंद होने जैसी स्थिति बन सकती है। इन पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। लगातार बरसात से धान, मक्का और दालों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे किसानों को नुकसान होगा।

क्या करें

अगर आपको कहीं जाना है तो यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें। जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाकर रखें। पहाड़ों पर ढलानों और नदी किनारों से दूर रहें। किसान खेतों से अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें और केले, गन्ने जैसी फसलों को सहारा दें।

कुल मिलाकर, कहा जाए तो कल यानी गुरुवार 28 अगस्त से मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग का साफ कहना है कि यह बारिश सिर्फ राहत नहीं, बल्कि कई जगहों पर मुसीबत भी ला सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और सुरक्षा के सभी उपाय अपनाएं.

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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