Bishnoi Gang Associate Back to India: हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक कड़ी कामयाबी हासिल की। एसटीएफ हरियाणा ने विदेश भाग गए कुख्यात गैंगस्टर वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से भारत लेकर आई है। वेंकट गर्ग को लॉरेंस बिश्नोई और कपिल नंदू गैंग का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। वह पिछले लंबे समय से विदेश में बैठकर भारत में रंगदारी, हत्या और अन्य आपराधिक नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
विदेश भाग गया था गैंगस्टर वेंकट गर्ग
हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ का निवासी वेंकट गर्ग अपराध जगत में सक्रिय होने के बाद विदेश भाग गया था। जॉर्जिया की अदालत में चली लंबी कानूनी लड़ाई और वहां उसकी अपील खारिज होने के बाद आखिरकार गैंगस्टर को भारत लाया गया। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को सफल बनाने में हरियाणा एसटीएफ, अंबाला पुलिस, सीबीआई की एनसीबी (नॉटिकल क्राइम ब्यूरो) विंग और विदेश मंत्रालय के कूटनीतिक प्रयासों की अहम भूमिका रही है।
गैंगस्टर वेंकट गर्ग का कुख्याल लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और कपिल नंदू गैंग से सीधा कनेक्शन पाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वेंकट गर्ग ने साल 2016-17 में करीब 19-20 साल की उम्र से ही आपराधिक दुनिया में कदम रख दिया था। शुरुआत में छोटे-मोटे झगड़ों और प्रॉपर्टी विवादों में वेंकट गर्ग शामिल रहता था, लेकिन बाद में बड़े गैंग के साथ जुड़ गया और फिर ज्यादा हिंसक हो गया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: नोएडा सेक्टर 152 की निर्माणाधीन सोसाइटी में बड़ा हादसा, असंतुलित होकर नीचे गिरे दो मजदूरों की हुई मौत
वेंकट पर हत्या समेत दर्जनों मामले दर्ज
वेंकट गर्ग पर नारायणगढ़ में एक बसपा नेता की हत्या समेत उस पर हत्या के प्रयास, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज हैं। जुलाई 2024 में जमानत मिलने के ठीक बाद, वह दिसंबर 2024 में फर्जी दस्तावेजों के सहारे दुबई भाग गया और फिर वहां से जॉर्जिया पहुंच गया, जहां से वह लगातार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था।
