Haryana Politics: हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के मतभेदों के संकेत मिले हैं, जिन पर सूबे के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता है कि किसी ने किसी पर कोई एहसान किया है। पत्रकारों से शनिवार (10 जून, 2023) को वह बोले, "बीजेपी और जेजेपी का गठबंधन अमित शाह के घर पर हुआ था। यह रात साढ़े 10 बजे हुआ था। मुझे लगता है कि दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे से चर्चा और सहमति के बाद प्रदेश में गठजोड़ किया था। मुझे नहीं लगता है कि किसी ने किसी पर एहसान किया है। प्रदेश समृद्ध होकर प्रगति के पथ पर चले, इस दृष्टिकोण के साथ पार्टी ने प्रदेश में मिलकर सरकार चलाई है।"
2024 में होने वाले आम चुनाव को लेकर की जाने वाली तैयारी के संदर्भ में पूछे जाने पर आगे उन्होंने बताया, "पूरी 10 लोकसभा सीटों पर संगठन का काम शुरू हो चुका है। जुलाई के पहले हफ्ते में प्रदेश में अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में हम जलसे (डॉ.अजय सिंह चौटाला के नेतृत्व में) करेंगे, जिसकी तैयारी हो चुकी है।"
चंडीगढ़ में इससे एक रोज पहले नौ जून को चौटाला ने बताया कि साल 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा और उनकी जजपा के बीच गठबंधन राज्य में स्थिर सरकार बनाने के लिए हुआ था, न कि किसी बाध्यता के चलते। उनकी यह टिप्पणी दोनों दलों में मतभेदों के संकेतों के बीच आई थी।
दरअसल, सूबे में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने 90 सदस्यीय सदन में 40 सीट जीती थीं, जबकि जजपा को 10 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। पिछले साल हुए आदमपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद भाजपा के सदस्यों की संख्या एक और बढ़ गई।
मौजूदा सदन में भाजपा के 41 विधायक हैं, कांग्रेस के 30 और जजपा के 10 विधायक हैं। सात निर्दलीय विधायकों में से छह ने भाजपा का समर्थन किया था। वहीं, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) के एक-एक सदस्य हैं। एचएलपी भी मनोहर लाल खट्टर सरकार का समर्थन कर रही है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
