Haryana Latest News in Hindi: हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की अपने ही एक आदेश को लेकर बड़ी कड़ी आलोचना हुई है। सूबे के स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की ओर से इस ऑर्डर में महिलाओं की छाती की नाप लेने से जुड़ी बात का जिक्र था। आदेश में कहा गया था कि जो औरतें वन विभाग के टेस्ट का चुनाव करेंगी, उनकी छाती की माप ली जाएगी।
फॉरेस्ट रेंजर- डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर और फॉरेस्टर के पदों पर आवेदन करनी वाली औरतों के साथ विभिन्न महिला कार्यकर्ताओं ने इस आदेश को लेकर राज्य सरकार को घेरा और इसे "अपनी गरिमा के साथ छेड़खानी" बताया। उन्होंने इसके साथ ही सवाल दागा कि आखिरकार छाती की नाप लेने की जरूरत ही क्या है?...राज्य स्तर की पुलिस के लिए जब महिलाओं का चयन किया जाता है, तब तो इस तरह की कोई माप वगैरह नहीं ली जाती है।
एक्टिविस्ट श्वेता ढल्ल ने हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार टीओआई को बताया, "यह निरर्थक आदेश है। ऐसा नियम नई लड़कियों को असहज स्थिति में डाल देगा। खासकर तब जब इस तरह का कोई भी नियम पुलिस, एनडीए और सीआरपीएफ की भर्ती में नहीं है।"

Randeep Surjewala Tweet on Order
वैसे, यह विवाद यही नहीं तक नहीं सीमित रहा। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की और पार्टी सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी-जजपा की गठजोड़ वाली सरकार लड़कियों और औरतों को अपमानित होने दे रही है।
दरअसल, सात जुलाई 2023 को जारी हुए इस आदेश के जरिए बताया गया था कि फिजिकल टेस्ट की शुरुआत 12 जुलाई से होगी। फॉरेस्ट रेंजर के लिए 150 सेंटीमीटर हाईट, 74 सेंटीमीटर चेस्ट (अविस्तारित) और 79 सेंटीमीटर चेस्ट (विस्तारित) चाहिए होगी। डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर और फॉरेस्टर पद के लिए लंबाई 155 सेंटीमीटर, छाती (अविस्तारित) 74 सेंटीमीटर और छाती (विस्तारित) 79 सेंटीमीटर चाहिए होगी।
