Gurugram News: सरकारी भर्ती की परीक्षाओं में अब तक आपने कैंडिडेट की जगह दूसरे व्यक्ति को एग्जाम देते कई बार सुना होगा, लेकिन गुरुग्राम में इस तरह के धांधली का ऐसा खुलासा हुआ है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। यहां पर दिल्ली पुलिस के लिए कांस्टेबल ड्राइवर भर्ती परीक्षा में कैंडिडेट के स्थान पर परीक्षा देने वाले एक ऐसे मुन्ना भाई को दबोचा गया है, जो एग्जाम सेंटर के अधिकारी की मदद से यह धांधली कर रहा है। एग्जाम सेंटर के आईटी मैनेजर ने फर्जी कैंडिडेट को पहले ही एग्जाम सेंटर के बाथरूम में छिपा दिया और जब एग्जाम शुरू हुआ तो कैंडिडेट की जगह वह परीक्षा देने पहुंच गया। इस बारे में खुलासा होने के बाद गुरुग्राम के फर्रूखनगर थाने में एग्जाम सेंटर के आईटी मैनेजर समेत तीन के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
इस फर्जीवाड़े के मामले में एक कंपनी द्वारा पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई है। कंपनी के ऑपरेशन एग्जीक्यूटिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि, उनकी कंपनी दिल्ली पुलिस में ड्राइवर कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा आयोजित कराती है। कंपनी द्वारा फर्रूखनगर के खेड़ा खुर्रमपुर सेंटर में शनिवार को परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के समय जांच के दौरान टेस्ट सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर को एक युवक मिला जो काफी नर्वस था। जब उससे पूछताछ की गई तो वह सवाल का सही से जवाब नहीं दे पाया। सख्ती बरतने पर उसने बताया कि, वह महेंद्रगढ़ के ललित की जगह पर एग्जाम देने आया है और उसका असली नाम जयवीर है।
ऐसे रचा गया था पूरा फर्जीवाड़ा
आरोपी से पूछताछ के बाद बाथरूम में छिपे ललित को भी दबोचा लिया गया। इन दोनों आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि, ललित ने निजी कंपनी के आईटी मैनेजर तरुण के साथ मिलकर यह पूरा फर्जीवाड़ा रचा था। योजना के अनुसार, जयवीर को तरुण ने पहले से ही बाथरूम में छिपा दिया था। ललित के एग्जाम के दौरान बाथरूम जाने के बाद जयवीर उसके स्थान पर पेपर देने पहुंचा। परीक्षा के दौरान ललित को बाथरूम में ही छिपे रहना था। हालांकि इनकी धांधली पकड़ी गई। जांच में यह भी पता चला कि, तरुण ने ही दोनों की एग्जाम सेंटर में प्रवेश करने में मदद की। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
