गुरुग्राम

Gurugram: रेगिस्तान का विस्तार रोकने के लिए गुरुग्राम में बनेगी हरित दीवार, लगेंगे करोड़ों पेड़

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 19, 2023, 03:56 PM IST

Gurugram: थार मरुस्‍थल को हरियाणा की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए एक हरित दीवार बनाने जा रही है। यह हरित दीवार पोरबंदर से शुरू होकर हरियाणा के गुरुग्राम होते हुए पानीपत तक बनेगा। यह दीवार 1400 लंबी और 5 किमी चौड़ी होगी। यह पश्चिम दिशा की तरफ से आने वाली धूल भरी हवाओं को पूर्व की तरफ बढ़ने से रोकेगी।

Image

थार मरुस्‍थल

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • यह हरित दीवार होगी 1400 लंबी और 5 किमी चौड़ी
  • पोरबंदर से शुरू होकर गुरुग्राम होते हुए पानीपत तक बनेगा
  • लाखों एकड़ खेती योग्य भूमि में भी होगी बढ़ोत्‍तरी

Gurugram: थार मरुस्‍थल तेजी से हरियाणा की तरफ बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए अब केंद्र सरकार राष्ट्रीय प्राथमिकता परियोजना के तहत एक हरित दीवार बनाने जा रही है। इस हरित दीवार की लंबाई 1400 और चौड़ाई 5 किमी होगी। यह गुजरात के पोरबंदर से शुरू होकर हरियाणा के गुरुग्राम होते हुए पानीपत तक बनेगा। इसकी मदद से पश्चिम दिशा की तरफ से आने वाली धूल भरी हवाओं को पूर्व की तरफ बढ़ने से रोका जा सकेगा। यह हरित दीवार अरावली श्रृंखला के साथ हरियाणा के नूंह, गुरुग्राम, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत होते हुए पानीपत तक जाएगी।

बता दें कि बीते कुछ सालों में अवैध खनन और विकास के कारण अरावली की पहाड़ियां खत्‍म होती जा रही हैं। पिछले कुछ सालों में गुरुग्राम के पास की अरावली की कई पहाड़ियां अवैध खनन के कारण समतल हो गई हैं। जिसकी वजह से भारत के पश्चिम की तरफ से आने वाली धूल भरी हवाओं के कारण हरियाणा का भी एक बड़ा हिस्सा थार मरुस्थल की चपेट में आ गया है। इस संबंध में भारतीय अंतरिक्ष और अनुसंधान संगठन द्वारा हाल ही में एक रिपोर्ट जारी कर दिल्‍ली एनसीआर को भी इसके चपेट में आने की चेतावनी दी गई है।

हरित दीवार से दिल्‍ली-एनसीआर को गर्मी से मिलेगी राहत

इस मरुस्‍थल को पश्चिम से पूर्व की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए इस हरित दीवार को बनाने का फैसला किया गया है। भारत सरकार ने अपने इस मरुस्थलीकरण परियोजना के तहत वर्ष 2030 तक करीब 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि को दोबारा से हराभरा बनाने का लक्ष्‍य रखा है। इसकी जिम्‍मेदारी करनाल स्थित केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) समेत देश की दूसरी संस्‍थाओं को सौंपा गया है। आईसीएआर के अधिकारियों के अनुसार, भारत में इस 1400 किमी लंबे हरित दीवार को बनाने की प्रेरणा अफ्रीकी महाद्वीप में बन रही द ग्रेट ग्रीन वॉल से लिया गया है। यह दीवार रेगिस्तान के विस्तार पर रोक लगाने के साथ मरुस्थलीय क्षेत्र में कमी लाने का काम करेगा। साथ ही इससे भू जलस्तर में बढ़ोतरी होगी और दिल्‍ली-एनसीआर के लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलेगा। इस हरित दीवार को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे लाखों एकड़ खेती योग्य भूमि में बढ़ोत्‍तरी होगी।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article