गुरुग्राम

Gurugram: वेदांता सोसायटी में लिफ्ट गिरी धड़ाम, लड़की की टूटी हड्डी और फिर...

गुरुग्राम में लिफ्ट गिरने से एक लड़की की हड्डी टूट गई। लिफ्ट रखरखाव कंपनी ओटीआईएस एलिवेटर कंपनी और सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

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Gurugram: वेदांता सोसायटी में लिफ्ट गिरी धड़ाम, लड़की की टूटी हड्डी और फिर...

गुरुग्राम: सेक्टर 108 स्थित रहेजा वेदांता सोसायटी में एक लिफ्ट के कथित तौर पर गिरने से उसमें मौजूद 11 वर्षीय बच्ची के टखने (एड़ी के ऊपर का हिस्सा) की हड्डी टूट गई जिसके बाद पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि लिफ्ट कथित तौर पर तीसरे मंजिल से गिरी। अधिकारी ने बताया कि इस हादसे के बाद बच्ची के माता-पिता ने रहेजा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) प्रबंधन को एक ई-मेल भेजा था और लिफ्ट रखरखाव कंपनी ओटीआईएस एलिवेटर कंपनी और सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

जोरदार झटके से गिरी लिफ्ट

पीड़िता की मां हिमिका खुराना ने पुलिस को बताया कि यह घटना 20 अगस्त को हुई। उन्होंने कहा कि जैसे ही लिफ्ट के दरवाजे बंद हुए वैसे ही अंदर जोरदार झटका लगा, जिससे उनकी बेटी नीचे गिर गई और उसे गंभीर चोट आई। उसके टखने की हड्डी टूट गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दिसंबर 2023, फरवरी 2024 और अगस्त 2024 में लिफ्ट के हिलने, झटके लगने और तेज आवाज के संबंध में आरडब्ल्यूए और रखरखाव टीम से कई बार शिकायतें की गई हैं। तब भी इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

खुराना ने शिकायत में आरोप लगाया कि यह हादसा तब और घातक हो सकता था जब लिफ्ट ऊपरी मंजिल पर होती। पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर राजेंद्र पार्क पुलिस थाने में आरडब्ल्यूए के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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