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अयोध्या के बाद गुजरात के अंबाजी मंदिर में 'महाचोरी' का बड़ा खुलासा, Exclusive CCTV ने खोले कई राज

गुजरात के अंबाजी मंदिर के दानपात्र से चोरी के मामले में नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जिसमें मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर कथित तौर पर नोटों का बंडल पहले पैर के नीचे छिपाता और फिर पायजामे में रखता दिखाई देता है। इस मामले की गहन जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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अंबाजी मंदिर की महाचोरी का बड़ा खुलासा, CCTV में कैद आरोपी

Photo : Times Now Digital

Ambaji Temple Theft: गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में दानपात्र से चोरी के मामले में अब एक एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। टाइम्स नाउ नवभारत के हाथ लगे एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज से पता चलता है कि मंदिर में हुई चोरी कोई एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि यह लंबे समय से चल रहा सुनियोजित खेल हो सकता है। इस एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज मे मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर बेहद शातिराना तरीके से दान के पैसे चुराता नजर आ रहा है।

7 मई को आया चोरी का मामला सामने

'टाइम्स नाउ नवभारत' के हाथ लगे इस सीसीटीवी वीडियो से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर कथित तौर पर नोटों का बंडल बड़ी चालाकी से अपने पैर के नीचे छिपा हुआ और फिर उसे अपने पायजामे में रखते हुए दिखाई दे रहा है। यह फुटेज 21 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा है, जबकि अंबाजी मंदिर में चोरी का मामला 7 मई 2026 को सामने आया था।

मई में हुई थी 1 लाख से ज्यादा की चोरी

जानकारी के अनुसार, 7 मई को दान की गिनती के दौरान लगभग 1.04 लाख रुपये की चोरी का मामला सामने आया था। आरोप है कि गिनती विभाग में तैनात कर्मचारी चिराग ठाकोर पैसे अपने कपड़ों में छिपाकर बाहर ले जाने का प्रयास कर रहा था। तभी उसके कपड़ों से कुछ नोट गिर गए, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

तीनों आरोपी जमानत पर बाहर

पुलिस जांच के दौरान चिराग ठाकोर के अलावा मंदिर के दो अन्य कर्मचारी विवेक शर्मा और निकुंज पटेल के नाम भी सामने आए। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों वायरमैन तकनीकी कार्य से जुड़े थे। उन पर CCTV सिस्टम से कथित तौर पर छेड़छाड़ करने का भी आरोप है। जांच एंजेसियों ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। फिलहाल तीनों आरोपी जमानत पर बाहर हैं।

मई में बंद पाए गए सीसीटीवी कैमरे

इस पूरी वारदात में सबसे संदिग्ध बात यह सामने आई है कि मई महीने में जिस वक्त यह चोरी हुई, उस समय भंडार गृह में लगे CCTV कैमरे रहस्यमयी तरीके से बंद पाए गए थे। जिसके बाद अब सामने आए अप्रैल के इस CCTV फुटेज ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। फुटेज के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी लगातार कई महीनों से मां अंबा के खजाने पर हाथ साफ कर रहे थे। हालांकि, इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर पिछले एक साल के CCTV फुटेज खंगाले जाएं, तो लाखों रुपये की महाचोरी का एक बहुत बड़ा पर्दाफाश हो सकता है।

यह मामला सामने आने के बाद बनासकांठा जिला प्रशासन और अंबाजी मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि, अब दान की गिनती 20 से अधिक CCTV कैमरों की निगरानी में होगी। CCTV फुटेज का बैकअप 30 दिनों के बजाय 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा। गिनती प्रक्रिया का लाइव प्रसारण मंदिर परिसर की LED स्क्रीन पर किया जाएगा। गिनती में शामिल कर्मचारियों की पुलिस की मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। साथ ही उनके बड़े जेब वाले कपड़े पहनने पर रोक लगा दी गई है। तीनों कर्मचारियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई SOP लागू कर दी गई है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारी author

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी... और देखें

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