प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'आर्थिक आत्मरक्षा' और संसाधनों की बचत संबंधी अपील के बीच गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सार्वजनिक परिवहन और सीमित सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल बुधवार को अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से ट्रेन द्वारा नई दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां से वे कुरुक्षेत्र जाएंगे।
राज्यपाल निर्धारित समय से पहले साबरमती रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनके साथ लेडी गवर्नर दर्शना देवी भी मौजूद रहीं। रेलवे अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान राज्यपाल ने स्टेशन परिसर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया।
राजभवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राज्यपाल ने हेलिकॉप्टर और हवाई यात्रा के बजाय ट्रेन, एसटी बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के उपयोग का निर्णय लिया है। साथ ही स्थानीय शहरों में आवागमन के दौरान भी उनके काफिले को सीमित रखा गया है। जानकारी के मुताबिक अब राज्यपाल के काफिले में केवल तीन वाहनों का ही उपयोग किया जा रहा है।
'अनावश्यक हवाई यात्राओं से बचेंगे'
बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों की बचत और आर्थिक अनुशासन को लेकर की गई अपील के बाद राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि पेट्रोलियम संसाधनों की स्थिति सामान्य होने तक वे अनावश्यक हवाई यात्राओं से बचेंगे।
इसे सरकारी खर्च और ईंधन बचत के संदेश के रूप में देखा जा रहा है
राज्यपाल को सामान्य यात्री की तरह रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन यात्रा करते देख अन्य यात्री भी उत्सुक नजर आए। प्रशासनिक हलकों में इसे सरकारी खर्च और ईंधन बचत के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेट्रोलियम पदार्थों से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील करने के कुछ दिन बाद अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या काफी कम कर दी है। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद भाजपा-शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है और अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या में कटौती की है।
